Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ई-रिक्शा एवं ऑटो पंजीयन अभियान को जनहित में 10 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है। अब वाहन चालक और मालिक 1 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक अपने ई-रिक्शा और ऑटो का निःशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने स्पष्ट किया है कि यह उन वाहन संचालकों के लिए अंतिम अवसर है, जिन्होंने अब तक अपने वाहनों का पंजीयन नहीं कराया है।
यातायात पुलिस के अनुसार अभियान का उद्देश्य शहर में संचालित सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि वाहन और चालक की पहचान सुनिश्चित हो सके। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और अपराध या किसी अन्य घटना की स्थिति में वाहन की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अब तक कुल 16,383 ई-रिक्शा और ऑटो का सफलतापूर्वक पंजीयन किया जा चुका है। इनमें से 13,130 वाहनों पर क्यूआर कोड भी लगाए जा चुके हैं। शेष पंजीकृत वाहनों पर भी जल्द ही क्यूआर कोड लगाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे प्रत्येक वाहन और चालक का डिजिटल सत्यापन संभव हो सकेगा।
यातायात डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने बताया कि इससे पहले विशेष अभियान के तहत 15,047 ई-रिक्शा और ऑटो का पंजीयन किया गया था। इसके बाद शेष बचे वाहन चालकों और मालिकों को एक और मौका देने के लिए 21 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पुनः अभियान चलाया गया। इस दौरान 1,336 अतिरिक्त वाहनों का पंजीयन कराया गया। इसके बावजूद अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं, जिनका पंजीयन नहीं हो सका है। इसी कारण वाहन संचालकों की मांग और व्यापक जनहित को देखते हुए अभियान को 10 दिनों के लिए और बढ़ाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पंजीयन के बाद प्रत्येक वाहन का डिजिटल प्रोफाइल तैयार होगा। वाहन पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर संबंधित वाहन और चालक की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी। इससे किसी दुर्घटना, विवाद, अपराध या शिकायत की स्थिति में जांच एजेंसियों को त्वरित सहायता मिलेगी। साथ ही यात्रियों को भी यह भरोसा रहेगा कि वे पंजीकृत और सत्यापित वाहन में यात्रा कर रहे हैं।
यातायात पुलिस का मानना है कि डिजिटल पंजीयन व्यवस्था से सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और बिना पहचान वाले वाहनों की संख्या कम होगी। इससे अपराधियों द्वारा ऑटो या ई-रिक्शा के दुरुपयोग पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। साथ ही यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी। पंजीयन के लिए वाहन मालिकों और चालकों को दो विकल्प दिए गए हैं। वे अपने मोबाइल फोन से उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं या फिर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम यातायात थाना पहुंचकर निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया सरल और निशुल्क रखी गई है ताकि अधिक से अधिक वाहन चालक इसका लाभ उठा सकें।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभियान समाप्त होने के बाद बिना पंजीयन संचालित होने वाले ई-रिक्शा और ऑटो के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए सभी वाहन संचालकों से अपील की गई है कि वे 10 अगस्त 2026 तक अपने वाहनों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं और शहर में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं जिम्मेदार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के निर्माण में सहयोग करें। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का यह अभियान डिजिटल तकनीक के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में सभी पंजीकृत वाहनों पर क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू होने से यात्रियों, वाहन चालकों और पुलिस प्रशासन तीनों को इसका लाभ मिलेगा।