Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में आत्महत्या की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के बनारी गांव की है, जहां कांजी नाले के पास एक पेड़ से 40 वर्षीय युवक का शव लटका मिला। वहीं दूसरी घटना अकलतरा थाना क्षेत्र के खिसोरा गांव में हुई, जहां 18 वर्षीय 10वीं कक्षा के छात्र ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
बनारी गांव में पेड़ से लटका मिला युवक का शव
जानकारी के अनुसार, बनारी गांव के कांजी नाले के पास पेड़ से एक युवक का शव लटका होने की सूचना गांव के कोटवार ने पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक की पहचान उसके पास मिले मोबाइल फोन के आधार पर नंद कुमार वर्मा (40 वर्ष) के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
17 सितंबर से लापता था युवक
मृतक के बड़े भाई ने पुलिस को बताया कि नंद कुमार वर्मा मानसिक रूप से कमजोर था। वह 17 सितंबर से घर से लापता था और काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल सका था। इसके बाद उसका शव गांव के पास मिला। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
खिसोरा गांव में छात्र ने दी जान
दूसरी घटना अकलतरा थाना क्षेत्र के खिसोरा गांव की है। यहां 18 वर्षीय आयुष भारद्वाज ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद अकलतरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया है।
सुसाइड नोट में नशे से परेशान होने का जिक्र
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में छात्र ने खुद को नशे का आदी बताते हुए इससे परेशान होने की बात लिखी है। नोट में छात्र ने अपने माता-पिता से माफी भी मांगी है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
दोनों मामलों में जांच जारी
दोनों घटनाओं में पुलिस आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही दोनों मामलों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। घटनाओं के बाद दोनों परिवारों में शोक का माहौल है।