24 घंटे में सुलझा ब्लाइंड मर्डर: प्रेम प्रसंग और विवाद में प्रेमी ने की प्रेमिका की हत्या
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Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के पुरई गांव में करगाडीह पऊवारा नहर के पास खेल मैदान से मिली महिला की अधजली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में सुलझा लिया। मामला उतई थाना क्षेत्र का है, जहां सोमवार सुबह एक अज्ञात महिला का पुआल से अधजला शव मिलने के बाद पुलिस के लिए यह घटना एक चुनौती बन गई थी। एसएसपी के निर्देश पर गठित छह टीमों ने रातभर जांच की और आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना सोमवार सुबह सामने आई, जब ग्राम पुरई के कोटवार केवलदास मानिकपुरी ने खेल मैदान में अधजला शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और एसीसीयू की टीम पहुंची। शव की पहचान नहीं होने और कोई प्रत्यक्षदर्शी न मिलने के कारण पुलिस ने इसे ब्लाइंड मर्डर मानकर गंभीरता से जांच शुरू की।
जिले और आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच की गई। इसी दौरान पता चला कि थाना सुपेला में उर्मिला निषाद (30) निवासी गौतम नगर, सुपेला की गुमशुदगी रिपोर्ट उसके परिचित विजय बांधे ने दर्ज कराई है। पुलिस ने जब विजय से पूछताछ की तो उसके बयान संदिग्ध लगे। गहन पूछताछ में विजय टूट गया और हत्या की बात कबूल कर ली। पूछताछ में विजय ने बताया कि वह केटरिंग का काम करता है, जहां पिछले दो-तीन वर्षों से उर्मिला उसके साथ काम कर रही थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। लेकिन विजय पहले से शादीशुदा था और उसकी पत्नी गर्भवती थी। उर्मिला उस पर विवाह का दबाव बना रही थी। इसके अलावा पैसों के लेनदेन पर भी विवाद बढ़ गया था।
विजय ने बताया कि उर्मिला ने कई बार उसे सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया, जिससे वह परेशान हो गया। इसके बाद उसने उसकी हत्या की योजना बनाई। रविवार की शाम वह उर्मिला को काम के बहाने बाइक में बैठाकर उतई की ओर ले गया। रास्ते में उसने मोमोज और पकौड़ा पैक करवाया और सुनसान नहर किनारे स्थित खेल मैदान में पहुंचा। वहां दोनों के बीच पहले से चल रहे विवाद को लेकर बहस बढ़ गई। इसी दौरान विजय ने पहले से खरीदे हुए धारदार चापर से उर्मिला के गले और शरीर पर हमला किया। उर्मिला के गिरते ही उसने दूसरी साजिश के तहत बोतल में लाया पेट्रोल उसके ऊपर डालकर आग लगा दी। जलती आग में उसने आसपास के पुआल भी फेंक दिए ताकि शव पूरी तरह जल जाए और पहचान छिप सके।
हत्या के बाद विजय बाइक से अपने गांव करगाडीह भाग गया। अगले दिन सुबह वह खुद थाना सुपेला पहुंचा और उर्मिला की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि शक उससे दूर रहे। लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और उसके विरोधाभासी बयानों ने पूरा मामला उजागर कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खून से सने कपड़े, घटना में इस्तेमाल चापर और अन्य सबूत जब्त कर लिया। एफएसएल की रिपोर्ट और घटनास्थल के सुरागों के आधार पर विजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह मामला प्रेम प्रसंग, अविश्वास और लगातार होते विवादों से उत्पन्न तनाव का परिणाम है। आरोपी ने न सिर्फ उर्मिला की बेरहमी से हत्या की, बल्कि शव को जलाकर सबूत मिटाने की भी कोशिश की। तेजी से कार्रवाई कर मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम की प्रशासनिक स्तर पर सराहना की जा रही है। वहीं, उर्मिला की हत्या ने इलाके में दहशत और सनसनी फैला दी है। पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि कोई तथ्य छूट न जाए।