अंधे कत्ल का खुलासा: प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या, 48 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2026-02-05 13:49 GMT
Kanker. कांकेर। कांकेर जिले के दुधावा चौकी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। ग्राम बांगाबारी स्थित बुढ़ा तालाब में साड़ी में लिपटी मिली युवती की लाश की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने प्रेम प्रसंग में हत्या करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस तेज कार्रवाई से पुलिस ने न केवल अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया, बल्कि क्षेत्र में फैली दहशत को भी कम किया है। यह मामला 1 फरवरी 2026 का है, जब दुधावा चौकी अंतर्गत ग्राम बांगाबारी के बुढ़ा तालाब में
ग्रामीणों
ने एक अज्ञात युवती का शव तैरता हुआ देखा। शव साड़ी में लिपटा हुआ था, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। तालाब में लाश मिलने की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भय का माहौल बन गया। सूचना पर तत्काल पुलिस अधीक्षक के निर्देश में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकलवाकर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

शुरुआत में युवती की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने आसपास के थानों में गुमशुदगी की जानकारी जुटाई और साथ ही सोशल मीडिया व व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शव की पहचान कराने का प्रयास किया। इसी दौरान शव की पहचान नेहा वट्टी (18 वर्ष) निवासी ग्राम बासनवाही के रूप में हुई। पहचान होते ही पुलिस ने मृतिका के परिजनों से संपर्क कर विस्तृत पूछताछ शुरू की। परिजनों और करीबी लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे। जांच में सामने आया कि नेहा वट्टी का ग्राम बांगाबारी निवासी बिरेंद्र ध्रुव के साथ प्रेम संबंध था। आरोपी बिरेंद्र पहले से शादीशुदा था, इसके बावजूद वह युवती के संपर्क में था। बताया गया कि मृतिका उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जिससे आरोपी मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस दबाव से छुटकारा पाने के लिए आरोपी बिरेंद्र ध्रुव ने अपने दोस्त भागवत ध्रुव के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

घटना की रात दोनों आरोपियों ने युवती को भगाने और साथ ले जाने का बहाना बनाया और मोटरसाइकिल से उसे बुढ़ा तालाब ले गए। वहां तालाब के पास स्थित पचरी के पास दोनों ने मिलकर युवती को पानी में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उन्होंने मृतिका का मोबाइल फोन, चप्पल और अन्य दस्तावेज तालाब में फेंक दिए, ताकि पहचान और साक्ष्य न मिल सकें। हालांकि, पुलिस की सघन जांच और तकनीकी विश्लेषण ने आरोपियों की योजना को विफल कर दिया।
पुख्ता सबूत
मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतिका का मोबाइल फोन जब्त किया गया है। इसके अलावा, गोताखोरों की मदद से तालाब से युवती की चप्पल और अन्य सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह खुलासा टीमवर्क, तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित जांच का परिणाम है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध और असंतुलित संबंध किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। वहीं, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि अपराधी चाहे जितनी भी चालाकी करें, कानून से बच नहीं सकते।
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