एक साल बाद सुलझी अंधी हत्या की गुत्थी, पत्नी समेत चार आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2026-06-01 16:58 GMT
Kanker. कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस को थाना बांदे क्षेत्र में हुए एक बहुचर्चित अंधे हत्या प्रकरण को सुलझाने में बड़ी सफलता मिली है। करीब एक वर्ष तक अनसुलझे रहे इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। जानकारी के अनुसार, 24 मई 2025 को थाना बांदे क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतक की पहचान बालोद जिले के दल्लीराजहरा निवासी मुकेश विश्वास के रूप में हुई थी। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान मृतक के हाथों और उंगलियों में जलने के निशान पाए गए थे। पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक परीक्षण में मौत का कारण विद्युत करंट लगना सामने आया था।
शुरुआती जांच में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिलने के कारण मामला अंधे कत्ल के रूप में दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने एक वर्ष तक लगातार तकनीकी विश्लेषण, साइबर जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ा। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास और आरोपी इन्द्रजीत दास के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। मृतक को इस संबंध की जानकारी हो चुकी थी, जिसके चलते परिवार में लगातार विवाद हो रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि मुकेश विश्वास अपनी पत्नी से तलाक लेने की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, इसी कारण आरोपियों ने मुकेश विश्वास को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
सुनियोजित साजिश के तहत उसे बहाने से बुलाकर रंजीत सरकार के खेत स्थित लाड़ी में ले जाया गया। वहां पहले उसे अत्यधिक शराब पिलाई गई और जब वह अचेत अवस्था में पहुंच गया तो ट्यूबवेल में उपयोग होने वाले विद्युत तार से करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की ताकि पुलिस जांच को गुमराह किया जा सके। हालांकि साइबर सेल की तकनीकी जांच, मोबाइल कॉल डिटेल, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश सामने आ गई।
आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त विद्युत तार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण भी कराया, जिससे हत्या की पूरी योजना और घटनाक्रम की पुष्टि हुई। मामले में सरस्वती विश्वास, इन्द्रजीत दास, सुरेन्द्र बछाड़ और रंजीत सरकार को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने थाना बांदे में अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। कांकेर पुलिस ने बताया कि पुराने लंबित अंधे हत्या मामलों की पुनः जांच के विशेष अभियान के तहत अब तक चार बड़े मामलों का खुलासा किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध कितना भी जटिल और सुनियोजित क्यों न हो, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक जांच और लगातार प्रयासों के माध्यम से अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। इस मामले के खुलासे को कांकेर पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
Tags:    

Similar News