बिलासपुर पुलिस की पहल, होटल संचालकों को समाधान ऐप की जानकारी

छग

Update: 2026-05-18 17:24 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने होटल, लॉज और फार्महाउस संचालकों के लिए विशेष बैठक आयोजित की। बैठक में करीब 110 संचालकों को ‘समाधान ऐप’ के उपयोग, उसकी कार्यप्रणाली और महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस डिजिटल पहल के माध्यम से शहर में ठहरने वाले आगंतुकों की जानकारी अब सीधे पुलिस विभाग तक पहुंच सकेगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान आसान हो सकेगी।
डीआईजी एवं एसएसपी के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, सीएसपी सिविल लाइन निमितेश परिहार और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय ने होटल संचालकों को ऐप के उपयोग की पूरी प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने बताया कि समाधान ऐप को डाउनलोड कर पंजीयन प्रक्रिया पूरी करना सभी संचालकों के लिए आवश्यक होगा। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि होटल, लॉज और फार्महाउस में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से जांचा जाएगा। इसके बाद उसकी जानकारी समयबद्ध तरीके से ‘समाधान ऐप’ में अपलोड करना जरूरी होगा। पुलिस ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह अनिवार्य होगी और किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार यह पहल केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डिजिटल रिकॉर्डिंग के माध्यम से पुलिस को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जानकारी प्राप्त हो सकेगी। पुलिस ने यह भी कहा कि होटल, लॉज और फार्महाउस संचालकों की भूमिका इस व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे रोजाना बड़ी संख्या में बाहरी लोगों को आवासीय सुविधा प्रदान करते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे नियमों का पालन करें और पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग करें।
बैठक के दौरान संचालकों को ऐप डाउनलोड करने, लॉगिन करने और डेटा एंट्री की पूरी प्रक्रिया का डेमो भी दिया गया। कई संचालकों ने तकनीकी पहलुओं को लेकर सवाल भी पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया। बिलासपुर पुलिस ने अपील की है कि सभी होटल संचालक इस व्यवस्था को गंभीरता से अपनाएं और नियमित रूप से डेटा अपडेट करें, ताकि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह कदम भविष्य में अपराधों की रोकथाम और जांच में भी बेहद सहायक साबित होगा।
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