Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पद्मनाभपुर थाना इलाके में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य आरोपी विजय देवांगन समेत उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने बाइक मैकेनिक का काम सीखकर चोरी की तकनीक में माहिर हो गया था और चोरी किए गए दोपहिया वाहनों को काटकर कबाड़ियों और फेरी वालों को बेचता था। पुलिस के अनुसार, विजय देवांगन पिछले 15 सालों से मोटरसाइकिल मैकेनिक का काम कर रहा था। अपने इस हुनर का गलत इस्तेमाल करते हुए उसने इलाके में मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी करने की कई वारदातों को अंजाम दिया। चोरी के बाद आरोपी अपने घर पर ही बाइक को हेक्सा ब्लेड जैसे औजारों से काटकर लोहे और एल्युमिनियम के पार्ट्स अलग करता और इन्हें फेरी वालों व स्थानीय कबाड़ियों को बेच देता था।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके पार्टनर सोनू गुप्ता, उमेश गुप्ता और मोहम्मद खान को भी हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने 10 दोपहिया वाहन चोरी करने की बात कबूल की। चोरी की गई बाइक और स्कूटी पद्मनाभपुर, सिटी कोतवाली दुर्ग और मोहन नगर थाना क्षेत्रों से बरामद की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 7 लाख रुपए से अधिक मूल्य का सामान जब्त किया। जब्त सामान में चोरी की हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल, एक्टिवा स्कूटी और अन्य दोपहिया वाहनों के कटे हुए लोहे और एल्युमिनियम के पार्ट्स शामिल हैं। कुल मिलाकर 10 चोरी किए गए दोपहिया वाहन पुलिस की निगरानी में बरामद हुए। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तार आरोपी हैं:
विजय देवांगन (36 वर्ष), निवासी उरला दामाद पारा
सोनू गुप्ता (28 वर्ष)
उमेश गुप्ता (24 वर्ष)
मोहम्मद खान (57 वर्ष)

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह ने लंबे समय तक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया और इलाके में लोगों में डर का माहौल बना रखा था। उन्होंने कहा कि गिरोह के सदस्य अपने मैकेनिक कौशल का गलत उपयोग करते थे और चोरी की गई मोटरसाइकिलों और स्कूटी को काटकर बेचकर गैरकानूनी धन कमाते थे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाने या मोबाइल पुलिस हेल्पलाइन पर दें। अधिकारियों ने चेताया कि चोरी की घटनाओं में सहयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों से और पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने और कहां-कहां चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस ने कहा कि इस गिरोह से जुड़े सभी अन्य अपराधों का भी जल्द खुलासा किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद जिले में वाहन चोरी के मामलों में काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिले में निगरानी और सतर्कता और बढ़ाई जाएगी।
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