Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गुरुवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (Train No. 18237) के नीचे अचानक एक लोहे का एंगल फंस जाने से ट्रेन की रफ्तार थम गई। यह हादसा मड़वारानी रेलवे स्टेशन के पास उस वक्त हुआ जब ट्रेन बिलासपुर की ओर बढ़ रही थी। गनीमत रही कि लोको पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।

चलती ट्रेन के पहियों में फंसा 'एल' आकार का एंगल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलती ट्रेन के दोनों पहियों के बीच ‘एल’ आकार में एक लोहे का एंगल फंस गया, जिससे ट्रेन में झटका महसूस हुआ। कुछ यात्रियों ने खिड़की से देखा तो रेल के नीचे चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। तुरंत ही लोको पायलट ने ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी और घटना की सूचना स्टेशन मास्टर व रेलवे नियंत्रण कक्ष को दी। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग नीचे उतरकर देखने लगे और घटना का वीडियो व फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। थोड़ी ही देर में यह वीडियो वायरल हो गया और रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

रेलवे कर्मचारियों ने घंटों की मशक्कत के बाद निकाला एंगल
सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत ट्रैक की जांच शुरू की और एंगल को हटाने के प्रयास में जुट गए। बताया गया कि एंगल पहिए के नीचे इस तरह फंसा था कि उसे निकालने में काफी दिक्कत हुई। कर्मचारियों को कुछ समय के लिए गैस कटर मंगाने की आवश्यकता भी महसूस हुई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रेलवे टीम ने एंगल को सुरक्षित रूप से निकाल लिया। इसके बाद पटरियों और पहियों की तकनीकी जांच की गई। सब कुछ सामान्य पाए जाने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया गया। रेलवे अधिकारियों ने राहत की सांस ली कि समय रहते ट्रेन रोक दी गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

फुट ओवरब्रिज निर्माण में लापरवाही से जुड़ा मामला
घटना की जांच के दौरान पता चला कि मड़वारानी स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के दौरान लोहे के कुछ एंगल पटरी के किनारे रखे गए थे। ट्रेन के गुजरते वक्त इनमें से एक एंगल किसी तरह से ट्रैक पर फिसल गया और ट्रेन के पहियों के नीचे आ फंसा। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे के ठेकेदार और कामगार सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। इस लापरवाही के कारण यात्रियों की जान खतरे में पड़ी। रेलवे सूत्रों ने भी माना कि निर्माण स्थल पर सामग्री का अनुचित ढंग से रखा जाना इस घटना का प्रमुख कारण रहा।

लोको पायलट की सूझबूझ ने बचाई बड़ी दुर्घटना
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यदि ट्रेन को समय पर नहीं रोका जाता तो वह पटरी से उतर सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। लोको पायलट की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की सराहना करते हुए रेलवे ने कहा कि उनकी सूझबूझ के कारण आज दर्जनों परिवारों को किसी दर्दनाक घटना से बचाया जा सका। यात्रियों ने भी लोको पायलट और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता की सराहना की। कई यात्रियों ने बताया कि “अगर ट्रेन थोड़ी और आगे बढ़ती तो पहिए फट सकते थे या डिब्बे पलट सकते थे।”

रेलवे अधिकारियों का बयान: कोई बड़ी समस्या नहीं
रेलवे के कोरबा एआरएम उत्कर्ष गौरव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि “ट्रैक पर तकनीकी समस्या आई थी, जिसे तत्काल ठीक कर लिया गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है और सभी ट्रेनें समय पर चल रही हैं।” उन्होंने किसी भी बड़ी गड़बड़ी या यात्री संकट से इनकार किया। हालांकि यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का परिणाम है। उनका मानना है कि रेलवे को निर्माण कार्यों के दौरान सेफ्टी जोन तय कर काम करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, उठे सवाल
घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि ट्रेन के पहिए के बीच ‘एल’ आकार का लोहे का एंगल फंसा हुआ है और रेलवे कर्मचारी उसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर लोको पायलट थोड़ी भी देरी करता तो आज एक बड़ी रेल दुर्घटना हो सकती थी। वहीं कुछ ने कहा कि “रेलवे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है।”
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