Bhilai. भिलाई। कोहका के आर्यनगर वार्ड नंबर-12 निवासी उमेश कुमार साहू ने शनिवार तड़के अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उमेश बीसीए की पढ़ाई कर रहा था और रूंगटा कॉलेज में कंप्यूटर साइंस सेकेंड ईयर का छात्र था। उमेश के पिता ऑटो ड्राइवर हैं। जानकारी के अनुसार, सुबह काफी देर तक उमेश ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। घर वालों को शक होने पर उन्होंने दरवाजा धक्का देकर खोला, तो उमेश पंखे के सहारे फंदे पर लटका मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
उमेश के पिता ने बताया कि सुबह वह काम पर गए थे और परिवार से फोन आया कि उमेश ने फांसी लगा ली है। परिजनों का कहना है कि उमेश पढ़ाई में ठीक था और उसका सामान्य जीवन चल रहा था। किसी तरह का दबाव या परेशानी उसके ऊपर नहीं थी। परिवार और पुलिस दोनों ही इस आत्महत्या की वजह समझने में असमर्थ हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही आत्महत्या की असली वजह सामने आएगी।
इस घटना से इलाके में चिंता का माहौल है। बताया जा रहा है कि जिले में हाल ही में 15 दिन पहले भी एक बच्ची ने आत्महत्या की थी। 19 मार्च की शाम गुरप्रीत कौर नाम की 10 साल की बच्ची ने घर में अकेली रहते हुए सुसाइड कर लिया था। जानकारी के अनुसार, गुरप्रीत मोबाइल में स्पीकर ऑन कर अपने पिता से बात कर रही थी। तभी उसके बड़े भाई ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन मोबाइल पर बात कर रही होने के कारण उसने दरवाजा समय पर नहीं खोला। बाद में दरवाजा खोलने पर भाई ने उसे डांट दिया। नाराज होकर गुरप्रीत ने घर की गैलरी में चुन्नी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। यह मामला जामुल थाना क्षेत्र का था। भिलाई पुलिस ने दोनों मामलों में सावधानी बरतते हुए व्यापक जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक दबाव को ध्यान में रखते हुए परिवारों को भी ऐसे संकेतों पर ध्यान देने की जरूरत है।