Bijapur. बीजापुर। ऑनलाइन वित्तीय और बैंकिंग धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीजापुर पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। भोपालपटनम, फरसेगढ़ और बीजापुर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान बैंक खाताधारकों, ग्रामीणों और आम नागरिकों को साइबर अपराध के तरीकों एवं उनसे बचने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। जिला पुलिस बीजापुर द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान के तहत भोपालपटनम थाना एवं जिला सहकारी बैंक
भोपालपटनम
, फरसेगढ़ थाना एवं एचडीएफसी बैंक फरसेगढ़ तथा साइबर टीम एवं सेंट्रल बैंक के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस और बैंक कर्मचारियों ने बैंक आने वाले खाताधारकों से सीधे संवाद कर उनकी शंकाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठग भी धोखाधड़ी के नए तरीके अपना रहे हैं। ठग बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, किसी सरकारी विभाग का कर्मचारी, रिश्तेदार या प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बनकर फोन कर सकते हैं। इसके बाद वे खाते की जांच, केवाईसी अपडेट, इनाम या आपातकालीन भुगतान के नाम पर बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी मांगते हैं। पुलिस और बैंक कर्मचारियों ने नागरिकों को अपना एटीएम कार्ड नंबर, पिन, सीवीवी, ओटीपी, बैंक खाता विवरण और यूपीआई पिन किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी। बैंक या सरकारी संस्थान का कोई भी वास्तविक कर्मचारी फोन पर ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी या यूपीआई पिन नहीं मांगता है। इस तरह की जानकारी मांगने वाले फोन कॉल को तत्काल संदिग्ध माना जाना चाहिए।
ग्रामीणों से कहा गया कि अनजान नंबर से आने वाले एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश या ई-मेल में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। साइबर अपराधी ऐसे लिंक के माध्यम से मोबाइल फोन या बैंक खाते की जानकारी हासिल कर सकते हैं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन, स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड नहीं करें। कार्यक्रम में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले संदिग्ध ऑफर, लॉटरी, इनाम, कैशबैक और कम समय में ज्यादा लाभ देने वाले निवेश प्रस्तावों से भी सावधान रहने की सलाह दी गई। केवाईसी अपडेट नहीं होने पर बैंक खाता बंद करने की धमकी देने वाले संदेशों की सत्यता संबंधित बैंक शाखा या बैंक के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर से जांचने को कहा गया।
एटीएम फ्रॉड से बचाव के लिए नागरिकों को एटीएम मशीन का उपयोग करते समय आसपास मौजूद संदिग्ध लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। एटीएम पिन डालते समय की-पैड को हाथ से ढकने, किसी अनजान व्यक्ति से सहायता नहीं लेने और लेन-देन पूरा होने के बाद रसीद एवं कार्ड सुरक्षित रखने की समझाइश दी गई। यूपीआई फ्रॉड के संबंध में बताया गया कि खाते में पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन दर्ज करने की जरूरत नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति पैसा भेजने के नाम पर क्यूआर कोड स्कैन करने, यूपीआई पिन डालने या भुगतान अनुरोध स्वीकार करने के लिए कहता है तो ऐसा बिल्कुल न करें। यूपीआई पिन का इस्तेमाल केवल खाते से भुगतान करने के लिए किया जाता है। पुलिस टीम ने वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल शिकायत करने के महत्व की जानकारी भी दी। किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने और संबंधित बैंक को सूचना देने की सलाह दी गई। समय पर शिकायत मिलने से बैंक खाते में ठगी की राशि को रोकने या होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है। नागरिकों को लेन-देन से जुड़े स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, संदेश, बैंक स्टेटमेंट और अन्य डिजिटल प्रमाण सुरक्षित रखने की भी समझाइश दी गई। बीजापुर पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे साइबर अपराध से बचाव की जानकारी अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों, महिलाओं और युवाओं के साथ भी साझा करें।
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