Mahasamund. महासमुंद। जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण और खरीदी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के स्पष्ट निर्देशानुसार राजस्व, खाद्य एवं अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरत रही है। इसी क्रम में बागबाहरा और सरायपाली विकासखंड में दो अलग-अलग मामलों में ओड़िशा से अवैध रूप से लाए गए 420 कट्टा धान और एक ट्रक वाहन को जब्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरायपाली विकासखंड के ग्राम कोलीहादेवरी में आज डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा के नेतृत्व में राजस्व टीम द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि ओड़िशा राज्य से कोचियों के माध्यम से अवैध रूप से धान लाकर गांव में डंप किया गया था। मौके पर पहुंची टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 420 कट्टा धान को जब्त कर लिया। जब्त धान को विधिवत पंचनामा तैयार कर नियमानुसार सुरक्षित किया गया है।कार्रवाई के पश्चात डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा ने ओड़िशा–छत्तीसगढ़ सीमावर्ती जांच नाका सिरपुर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सख्त की जाए, ताकि ओड़िशा से अवैध रूप से धान का परिवहन रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह एक अन्य कार्रवाई बागबाहरा विकासखंड में देर रात की गई। ओड़िशा सीमा से लगे टूहलू चौकी क्षेत्र में अवैध रूप से धान परिवहन करते हुए एक मिनी ट्रक को पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि ट्रक में भरा धान अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था। प्रशासन द्वारा ट्रक सहित धान को जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त धान को कोमाखान थाना क्षेत्र अंतर्गत मंडी को सुपुर्द किया गया है, ताकि आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है। अवैध धान का परिवहन और भंडारण न केवल शासन की नीति के विरुद्ध है, बल्कि इससे वास्तविक किसानों को भी नुकसान होता है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में अवैध धान से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों, जांच नाकों और मंडियों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि आने वाले दिनों में जांच और कार्रवाई अभियान और तेज किया जाएगा। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध धान कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध धान परिवहन, भंडारण और खरीदी के विरुद्ध इसी तरह कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों का हित सुरक्षित रहे।
Tags: