छत्तीसगढ़ में 200 आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति, राज्यभर में हुई पदस्थापना

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Update: 2026-04-24 17:43 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने राज्य में कानून व्यवस्था और राजस्व सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ी भर्ती प्रक्रिया पूरी की है। आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर द्वारा 23 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के तहत 200 अभ्यर्थियों को आबकारी आरक्षक (Excise Constable) के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा-2025 (ABA25) के परिणामों के आधार पर की गई है। चयनित सभी अभ्यर्थियों को पे-मैट्रिक्स लेवल-4 (5200-20200 + ग्रेड पे 1900) के अंतर्गत रखा गया है। साथ ही, इनकी नियुक्ति 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) पर की गई है, जिसमें उनकी कार्यक्षमता और सेवा प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा।



आदेश के अनुसार, चयनित आरक्षकों की पदस्थापना राज्य के विभिन्न जिलों और इकाइयों में की गई है। इनमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़ जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इसके अलावा नवगठित जिलों जैसे सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मोहला-मानपुर में भी नियुक्तियां की गई हैं। राज्य सरकार ने आबकारी नियंत्रण को और मजबूत बनाने के लिए कई आरक्षकों को विशेष इकाइयों में भी तैनात किया है। इनमें रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, दुर्ग और सरगुजा संभाग की उड़नदस्ता इकाइयां शामिल हैं। इसके साथ ही राज्य स्तरीय उड़नदस्ता इकाई रायपुर में भी नियुक्तियां की गई हैं, ताकि अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। विभाग द्वारा नियुक्ति के साथ कई महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आदेश के अनुसार, सभी चयनित अभ्यर्थियों को आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर अपने आवंटित कार्यालय या जिले में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। निर्धारित समय सीमा में जॉइनिंग नहीं करने पर उनकी नियुक्ति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।

परिवीक्षा अवधि के दौरान सभी आरक्षकों के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा कार्यभार ग्रहण के समय मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और चरित्र सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। साथ ही, दस्तावेज सत्यापन के अंतर्गत मूल निवासी प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रतियों की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्तियां राज्य में अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने, राजस्व संग्रहण को मजबूत करने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नवनियुक्त आरक्षक राज्य के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात होकर निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक सशक्त होगी तथा अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। यह भर्ती प्रक्रिया राज्य में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगी। सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों से आबकारी विभाग की कार्यक्षमता में सुधार होगा और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
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