निर्ममता की हद पार: स्ट्रीट डॉग की पीट-पीटकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात
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Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेजुबान स्ट्रीट डॉग की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। यह पूरी घटना जिला मुख्यालय स्थित लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना के सामने आते ही पशु प्रेमी संगठनों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह घटना लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर में तैनात सुरक्षा गार्ड द्वारा अंजाम दी गई। बताया जा रहा है कि स्ट्रीट डॉग गलती से सेंटर परिसर के अंदर जाकर बैठ गया था। इसी दौरान वहां तैनात गार्ड की नजर उस पर पड़ी और उसने अमानवीय व्यवहार करते हुए डॉग पर डंडे से हमला शुरू कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि गार्ड ने बेजुबान जानवर के सिर पर लगातार डंडे से ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण स्ट्रीट डॉग की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की क्रूरता को देखकर हर संवेदनशील व्यक्ति स्तब्ध है। पशु प्रेमी संगठनों का कहना है कि डॉग की कोई गलती नहीं थी। उसकी मौजूदगी महज एक मानवीय चूक का परिणाम थी, क्योंकि जिस एमआरआई सेंटर में वह पहुंचा, वहां आम नागरिकों का भी प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह गार्ड और प्रबंधन की बनती है। लापरवाही के लिए बेजुबान जानवर को सजा देना पूरी तरह से अपराध है। घटना के बाद पशु प्रेमी संगठनों ने मोहन नगर थाना पुलिस को शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोपी गार्ड के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
संगठनों ने कहा है कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत यह गंभीर अपराध है और दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि यदि सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर थी कि एक स्ट्रीट डॉग अंदर तक पहुंच गया, तो उसकी जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने मांग की है कि न केवल आरोपी गार्ड बल्कि सेंटर प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पशु प्रेमी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल मोहन नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।