धान खरीदी में भ्रष्टाचार पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, दो अधिकारी तत्काल निलंबित

छग

Update: 2026-01-23 16:39 GMT
Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी महापर्व के बीच प्रशासन ने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कड़ा चाबुक चलाया है। बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के सख्त निर्देश के बाद डौंडी विकासखंड के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) और डौंडीलोहारा के समिति प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शासन की महत्वाकांक्षी धान खरीदी योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई है। डौंडी विकासखंड के ग्राम साल्हे में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। किसान केशव राम साहू अपनी निजी भूमि से 125 बोरी धान ट्रैक्टर में भरकर बालोद मंडी जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में अधिकारी ने गाड़ी रोककर उसे छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। किसान की शिकायत के बाद हुई प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया। अधिकारी के खाते में UPI के जरिए 15 हजार रुपये ट्रांसफर होने के सबूत मिले।
उप संचालक कृषि ने सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इससे स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के साथ किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी बीच, दूसरी कार्रवाई आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, रानाखुज्जी के समिति प्रभारी हंसराज प्रजापति पर हुई। प्रभारी पर आर्थिक अनियमितता और सरकारी नियमों की अनदेखी का आरोप है। सहकारिता, खाद्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त जांच टीम ने उपार्जन केंद्र में बड़ी खामियां पाईं। जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि प्रभारी ने शासन की धान खरीदी योजना के नियमों का उल्लंघन किया, जिससे सरकारी खजाने को संभावित आर्थिक क्षति हो सकती थी। छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत गठित बैठक में निर्णय लिया गया और हंसराज प्रजापति को निलंबित कर दिया गया।
बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने सख्त चेतावनी दी है कि धान खरीदी राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर किसानों को परेशान करना, भ्रष्टाचार करना या सरकारी नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में प्रशासन की पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से यह संदेश जाएगा कि प्रशासन किसानों के हित और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हमेशा सक्रिय है। साथ ही अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को चेताया गया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उन्हें भी सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इस कार्रवाई से किसान समुदाय में संतोष और भरोसा बढ़ा है कि धान खरीदी महापर्व में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रशासन ने अन्य उपार्जन केंद्रों पर भी निरीक्षण और निगरानी तेज कर दी है, ताकि योजना के संचालन में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को न्याय मिले।
Tags:    

Similar News