Narayanpur. नारायणपुर। जिले में तंबाकू मुक्त समाज की दिशा में एक ठोस और सख्त कदम उठाते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कोटपा (COTPA) अधिनियम 2003 के अंतर्गत सघन जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान नया बस स्टैंड से बखरुपारा क्षेत्र तक संचालित किया गया, जहां सार्वजनिक स्थलों और दुकानों में तंबाकू से संबंधित नियमों के पालन की गहन जांच की गई। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चलानी कार्रवाई करते हुए कुल 10,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने, बिना वैधानिक चेतावनी चित्र एवं कैंसर संबंधी डरावनी तस्वीरों के तंबाकू उत्पादों की बिक्री, तंबाकू उत्पादों के खुले प्रदर्शन तथा दुकानों में अनिवार्य ‘धूम्रपान निषेध’ बोर्ड के अभाव जैसे मामलों में कार्रवाई की गई।
टीम ने पाया कि कई दुकानों में तंबाकू उत्पादों पर कोटपा अधिनियम के तहत अनिवार्य चेतावनी चित्र नहीं लगाए गए थे, जो स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है। जांच के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते हुए कई लोगों को मौके पर ही पकड़ा गया, जिन पर नियमानुसार चालान काटा गया। इसके अलावा कुछ दुकानों में तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन प्रदर्शित किए जा रहे थे, जबकि कोटपा अधिनियम के तहत तंबाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर सख्त प्रतिबंध है। वहीं, कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नो स्मोकिंग बोर्ड नहीं लगाए गए थे, जिस पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। इस अभियान का नेतृत्व तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. यखिलेश्वरी ठाकुर ने किया। उनके साथ टीम में प्रशांत लाल सिवना (ड्रग इंस्पेक्टर), भूषण देशमुख (राजस्व निरीक्षक), छत्रपाल साहू (साइकेट्रिक सोशल वर्कर) एवं मानती पोटाई (महिला कांस्टेबल) शामिल रहे।
संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र में व्यवस्थित ढंग से दुकानों और सार्वजनिक स्थानों की जांच की, जिससे नियम उल्लंघन करने वालों में हड़कंप मच गया। नोडल अधिकारी डॉ. यखिलेश्वरी ठाकुर ने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारियां होती हैं, जिनसे बचाव के लिए तंबाकू नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में तंबाकू नियंत्रण को लेकर इस प्रकार के सघन अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि सार्वजनिक स्थलों को धूम्रपान मुक्त बनाया जाए और आने वाली पीढ़ी को तंबाकू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके। इस कार्रवाई के बाद जिले में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।