CSMCL ओवरटाइम भुगतान मामले में कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2026-04-20 14:57 GMT
Raipur. रायपुर। रायपुर में सीएसएमसीएल के ओवरटाइम भुगतान से जुड़े मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मैनपावर एजेंसी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड से जुड़े फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर को 19 अप्रैल 2026 को हिरासत में लिया गया। प्रकरण एसीबी-ईओडब्ल्यू में अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत दर्ज है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराएं 7(बी) और 8 के साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला कायम किया गया है।

जानकारी के अनुसार, 29 नवंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा तीन व्यक्तियों के पास से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य शासन को सूचना भेजी गई थी, जिसके आधार पर एसीबी-ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना में सामने आया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम भुगतान के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को करीब 115 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान के रूप में दी जानी थी। यह भुगतान बिलों के माध्यम से एजेंसियों को इसलिए किया जाता था ताकि वे अपने कर्मचारियों को राशि वितरित करें। हालांकि जांच में यह पाया गया कि व्यवहार में यह राशि कर्मचारियों तक नहीं पहुंची, बल्कि एजेंसियों के माध्यम से अवैध रूप से कमीशन के रूप में निकाली गई।

इसके बाद यह रकम सीएसएमसीएल के कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच बांटी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि इस राशि का अंतिम लाभ एक अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के कर्मचारी थे। 29 नवंबर 2023 को कंपनी के बैंक खाते से निकाली गई 28.80 लाख रुपये की राशि को कथित तौर पर सीएसएमसीएल के अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए भेजा गया था। आरोप है कि इस रकम को देने के लिए एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से इन दोनों को जिम्मेदारी दी गई थी। गिरफ्तार आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और संबंधित दस्तावेजों तथा वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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