नाबालिग से दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2026-06-03 16:52 GMT
Rajnandgaon. राजनांदगांव। थाना सोमनी पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने थाना सोमनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी करीब दो-तीन माह पहले नौकरी की तलाश में राजनांदगांव के टेडेसरा स्थित एक कॉल सेंटर में काम करने आई थी। काम के दौरान वह टेडेसरा क्षेत्र में स्थित रंजीत सिंह के ढाबे में रहती थी। बाद में वह लगभग 15 दिनों से टेडेसरा के एक किराए के मकान में रह रही थी।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतका ने उन्हें कई बार जानकारी दी थी कि रंजीत सिंह उसके साथ मारपीट करता था और जबरन शारीरिक संबंध बनाता था। इसके साथ ही आरोपी उसे घर जाने से भी रोकता था और विरोध करने पर कमरे में बंद कर देता था। परिजनों का आरोप है कि लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर नाबालिग ने आत्महत्या कर ली। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी रंजीत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 127(2), 108 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3 एवं 4 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और जांच तेज की गई।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सोमनी निरीक्षक दिलीप पटेल के नेतृत्व में टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार जांच और सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे हिरासत में लिया। आरोपी की पहचान रंजीत सिंह, पिता शीतल सिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम सौन्दर, थाना डुग्गीपार, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र), हाल पता पीएनआर ढाबा, अरोरा फ्यूल्स, टेडेसरा, थाना सोमनी के रूप में हुई है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान आरोपी से कड़ी पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे आगे की वैधानिक प्रक्रिया के लिए न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला अत्यंत संवेदनशील और गंभीर प्रकृति का है, जिसमें नाबालिग के साथ शारीरिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं। जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति इस घटना में शामिल था या नहीं। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नाबालिग के साथ हुई इस दर्दनाक घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता के बयान, परिजनों के कथन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कॉल सेंटर और ढाबे में कार्य परिस्थितियां कैसी थीं और वहां नाबालिग के रहने की व्यवस्था कैसे बनी।
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