Bilaspur. बिलासपुर। कोयला गुणवत्ता में हेराफेरी के मामले में तीन माह से फरार चल रहे आरोपी को हिर्री पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी को मामले की जांच में अहम सफलता माना जा रहा है। मामला हिर्री थाना क्षेत्र के डिघोरा स्थित ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड कंपनी से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, प्रकरण में आरोपी वाहन मालिक सहदेव साहू (49 वर्ष), निवासी झलफा थाना हिर्री जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया गया है।
कोयले की गुणवत्ता में मिली थी गड़बड़ी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामले के प्रार्थी आशीष केशरी, निवासी पेंड्रा जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने हिर्री थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थी कोल परिवहन और लिफ्टिंग का कार्य करता है। शिकायत में बताया गया कि एसईसीएल रामपुर कोयला खदान से वाहन क्रमांक CG-12-S-8901 और CG-04-HX-4888 में जी-6 (5500-5800 GCV) उच्च गुणवत्ता का कोयला लोड कराया गया था। दोनों ट्रेलरों के माध्यम से यह कोयला ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड कंपनी डिघोरा भेजा गया था।
कंपनी परिसर में कोयला पहुंचने के बाद वहां के केमिस्ट द्वारा कोयले का लैब परीक्षण कराया गया। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि ट्रेलरों में पहुंचा कोयला निर्धारित गुणवत्ता से कम था। परीक्षण में कोयले की गुणवत्ता 4203 और 4220 GCV पाई गई। इसके बाद शिकायत के आधार पर हिर्री पुलिस ने अपराध क्रमांक 121/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में धारा 316(3), 317(2), 317(4), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की।
जांच में वाहन मालिक की मिली संलिप्तता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की। टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हुए। जांच के दौरान पुलिस को वाहन क्रमांक CG-04-HX-4888 के मालिक सहदेव साहू की संलिप्तता की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। लगातार तलाश और सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस ने आरोपी सहदेव साहू को 12 अगस्त 2026 की रात करीब 10:30 बजे गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही कोयला परिवहन के दौरान हुई गड़बड़ी और गुणवत्ता में बदलाव के पीछे की पूरी प्रक्रिया को खंगाला जा रहा है।