राजस्व निरीक्षक से गाली-गलौज और धमकी, आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2025-08-16 17:33 GMT
Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शासकीय कार्य में बाधा डालने और राजस्व निरीक्षक को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह मामला बलौदा थाना क्षेत्र का है, जहां राजस्व विभाग के एक अधिकारी के साथ 11 अगस्त को यह घटना घटी। जानकारी के अनुसार, राजस्व निरीक्षक जागेश्वर सिहानी 11 अगस्त को सीमांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तहसील कार्यालय बलौदा पहुंचे थे। इस दौरान ग्राम पाली निवासी 27 वर्षीय युवक अनिल कुमार पटेल भी वहां मौजूद था। आरोपी ने सीमांकन की प्रक्रिया और रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए राजस्व निरीक्षक पर पक्षपातपूर्ण कार्य करने का आरोप लगाया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोपी ने राजस्व निरीक्षक से न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई
इस घटना से आहत राजस्व निरीक्षक ने तुरंत बलौदा थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोपों में अपराध दर्ज किया। पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिल कुमार पटेल को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि मामले की तफ्तीश के बाद आरोपी पर धारा 132, 296 और 351(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासकीय कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और उनके कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध है और इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व निरीक्षक की सुरक्षा चिंता का विषय
राजस्व निरीक्षक जागेश्वर सिहानी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि सीमांकन जैसे कार्य अक्सर संवेदनशील होते हैं और इन पर विवाद खड़े होना आम है। लेकिन हाल के दिनों में राजस्व अधिकारियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि सरकार और प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्ती बरतते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए। इस घटना ने ग्रामीणों में भी चर्चा का विषय बना दिया है। कई लोगों का कहना है कि सीमांकन विवादों को लेकर अक्सर असहमति रहती है, लेकिन उसे गाली-गलौज और धमकी तक ले जाना अनुचित है। वहीं कुछ ग्रामीणों का मानना है कि सीमांकन कार्य में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि विवाद की नौबत ही न आए।

पुलिस की चेतावनी
बलौदा थाना पुलिस ने कहा है कि इस तरह के मामले दोहराए जाने पर आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी को डराने-धमकाने की हिम्मत न कर सके। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने विवादों का समाधान कानूनी प्रक्रिया और उचित मंचों के जरिए करें। किसी भी तरह की दबंगई, गाली-गलौज या धमकी से न सिर्फ माहौल बिगड़ता है, बल्कि आरोपी को जेल की सजा भी भुगतनी पड़ती है। यह पूरा मामला अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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