प्रधान आरक्षक की प्रताड़ना से युवक ने की आत्महत्या, FIR दर्ज

छग

Update: 2026-01-31 15:39 GMT
Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें प्रधान आरक्षक की कथित प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना लखनपुर थाना क्षेत्र की है, और मृतक युवक की पहचान आशीष मिंज के रूप में हुई है। आरोप है कि लखनपुर थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक पन्नालाल ने आशीष मिंज से 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। परिजनों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर प्रधान आरक्षक ने आशीष को उसकी प्रेमिका की आत्महत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी। लगातार मानसिक दबाव और धमकियों से आशीष गहरे तनाव में था, जिसके चलते उसने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।

परिजनों ने बताया कि मृतक लंबे समय से धमकियों और प्रताड़ना से परेशान था। प्रधान आरक्षक की धमकी और प्रताड़ना ने उसकी मानसिक स्थिति को बिगाड़ दिया। घटना के बाद परिवार ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी। पुलिस विभाग ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल जांच शुरू की, जिसमें प्रथम दृष्टया पाया गया कि आरोप गंभीर और सही प्रतीत होते हैं। इसके बाद लखनपुर थाना में प्रधान आरक्षक पन्नालाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जा रही है। दोष सिद्ध होने पर प्रधान आरक्षक पन्नालाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस विभाग ने आश्वासन दिया।

भविष्य में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी दबाव या शोषण की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद सरगुजा जिले में पुलिस व्यवस्था और विभागीय अनुशासन पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिक और परिजन पुलिस की कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त और त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना समाज में पुलिस और जनता के बीच विश्वास की मजबूती की आवश्यकता को भी उजागर करती है। पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का यह मामला समाज में व्यापक चर्चा का विषय बन सकता है। सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी भी प्रकार के दबाव या भ्रष्टाचार की सूचना मिलती है तो तुरंत संबंधित थाने या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि ऐसे मामलों में सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस प्रकार की घटना जिले में पुलिस अनुशासन और नैतिकता पर भी सवाल खड़ा करती है और प्रशासन को चेतावनी देती है कि किसी भी अधिकारी की गैरकानूनी गतिविधि सीधे जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकती है।
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