एनीकट में नहाने उतरा युवक डूबने लगा, मोहन दादा ने बचाई जान

छग

Update: 2026-07-12 18:21 GMT
Ramanujganj. रामानुजगंज। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज नगर स्थित एनीकट में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। नहाने के दौरान गहरे पानी और तेज बहाव में फंसकर डूब रहे एक युवक को स्थानीय युवक की बहादुरी और डायल-112 पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित बचा लिया गया। समय रहते किए गए रेस्क्यू के कारण युवक की जान बच गई, जिससे मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार सुबह करीब 8 बजे एक युवक एनीकट के पास व्यायाम करने के बाद नहाने के लिए पानी में उतरा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर बाद वह गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गया। पानी की गहराई अधिक होने के कारण युवक बाहर नहीं निकल सका और डूबने लगा। उसे संघर्ष करता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 पुलिस सेवा को सूचना दी। बताया गया कि सूचना मिलने के करीब पांच मिनट के भीतर डायल-112 की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। इसी दौरान स्थानीय युवक मोहन दादा ने बिना समय गंवाए साहस का परिचय देते हुए पानी में छलांग लगा दी और डूब रहे युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद युवक को एनीकट के किनारे लिटाकर प्राथमिक सहायता दी गई। कुछ देर तक उसकी हालत गंभीर बनी रही, लेकिन समय पर किए गए बचाव और प्राथमिक उपचार के चलते उसकी स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। यदि कुछ मिनट और देरी होती तो घटना गंभीर हादसे में बदल सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बचाए गए युवक की पहचान मनोहर, निवासी भंडारिया (झारखंड) के रूप में हुई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। सभी ने स्थानीय युवक मोहन दादा के साहस और डायल-112 पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि मोहन दादा ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगाकर जिस तरह युवक को बचाया, वह साहस और मानवता की मिसाल है। वहीं डायल-112 टीम के समय पर पहुंचने और राहत कार्य में सहयोग करने से भी युवक की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से मांग की कि एनीकट जैसे पर्यटन और स्नान स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। बरसात के मौसम में जलस्तर और बहाव बढ़ने के कारण ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता भी बताई गई। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर मिली सूचना, स्थानीय लोगों की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया किसी भी बड़े हादसे को टाल सकती है।
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