Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में मार्केटिंग कंपनी के माध्यम से मेम्बरशीप देने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इस मामले में कंपनी के कुछ आरोपियों ने लोगों से लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया गया है।
घटना का विवरण
मामला Ril India Marketing Pvt. LTD / WEICONIC Pvt. LTD से जुड़ा है। पीड़ित विरेंद्र बघेल ने थाना न्यू राजेन्द्र नगर में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि आरोपी हिरदेश सिंह तोमर (डायरेक्टर), मोनाली बाघमारे (मैनेजर), प्रशांत कुमार सनोडिया (सहायक) ने कंपनी में मेम्बरशीप लेने पर प्रति माह 22,000 रुपए, रहने और खाने की सुविधा देने का झांसा दिया। इसके बाद आरोपीगण ने प्रार्थी और अन्य लोगों से कुल 1,02,480 रुपए हड़प लिए। जांच में पता चला कि उक्त कंपनी का छत्तीसगढ़ में कोई कानूनी पंजीकरण नहीं है।
गिरफ्तार आरोपी
मोनाली बाघमारे, 26 वर्ष, ग्राम धामगांव रेल्वे, जिला अमरावती, महाराष्ट्र, वर्तमान पता: अमलीडीह पानी टंकी, न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर।
प्रशांत कुमार सनोडिया, 24 वर्ष, ग्राम गोबरबेली, जिला सिवनी, मध्यप्रदेश, वर्तमान पता: अमलीडीह पानी टंकी, न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर।
फरार आरोपी
हिरदेश सिंह तोमर, निवासी दिल्ली, कंपनी के डायरेक्टर, फिलहाल फरार। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस कार्रवाई
अपराध क्रमांक 225/2025 के तहत धारा 318(4), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर माननीय न्यायालय के आदेश से जेल भेजा। फरार आरोपी हिरदेश सिंह तोमर की तलाश जारी है।
पीड़ित की शिकायत
प्रार्थी विरेंद्र बघेल ने बताया कि कंपनी के बहाने में उन्होंने विश्वास किया और रकम जमा कर दी, लेकिन न तो कंपनी ने कोई सुविधाएँ दी और न ही वादे पूरे किए। इसके अलावा, कंपनी के कार्यालय और निदेशक की गतिविधियों में धोखाधड़ी और छल की पूरी evidence पुलिस ने जुटाई।
कंपनी की स्थिति
जांच में यह भी सामने आया कि Ril India Marketing Pvt. LTD / WEICONIC Pvt. LTD का छत्तीसगढ़ में कोई पंजीकरण नहीं है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि कंपनी कानूनी रूप से वैध नहीं है और केवल लोगों को फंसाकर धन हड़पने का काम करती रही।
कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने आरोपी मोनाली बाघमारे और प्रशांत कुमार सनोडिया को अदालत में पेश कर जेल भेजा। फरार आरोपी हिरदेश सिंह तोमर को पकड़ने के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जांच जारी है। पुलिस ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है कि किसी भी ऐसी कंपनी या व्यक्ति पर भरोसा न करें, जिसका छत्तीसगढ़ में वैध पंजीकरण नहीं है। मेम्बरशीप, निवेश या सुविधाओं के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले शातिर ठगों से सतर्क रहना आवश्यक है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी रायपुर में भी ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग कंपनियों के माध्यम से धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस लगातार ऐसे मामलों की निगरानी कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ा कदम उठा रही है।
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