अचानकमार्ग टाइगर रिजर्व में रसूखदार युवकों की बंदूक फायरिंग का वीडियो वायरल

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Update: 2026-01-05 15:08 GMT
Mungeli. मुंगेली। अचानकमार्ग टाइगर रिजर्व के कोर जोन में हाल ही में हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद तीन रसूखदार युवकों को वन विभाग ने चिन्हित कर गिरफ्तार किया, लेकिन इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों की त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, घटना 30 या 31 दिसंबर को हुई थी। अजीत वैष्णव (26), अनिकेत वैष्णव (27) और विक्रांत वैष्णव (36) नामक तीन युवकों ने अपनी गाड़ी के साथ अचानकमार्ग टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज के कोर जोन में प्रवेश किया। इनके पास हथियार और बंदूक भी थीं। आरोप है कि युवकों ने जंगल की ओर बंदूक की नली का मुंह करके गोली चलाई और इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड कर अपनी रसूखदारी दिखाने का प्रयास किया।

वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि युवक हूटर लगी लग्जरी गाड़ी में जंगल में प्रवेश कर रहे हैं। बंदूक से फायरिंग करते हुए धुआं निकल रहा है, जो दर्शाता है कि यह असली फायरिंग है, जबकि वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि यह केवल एयर पिस्टल से हुई फायरिंग थी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि घटना कोर जोन के बाहर हुई थी। लेकिन वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से सुरही रेंज का गेट और कोर एरिया नजर आ रहा है। घटना की गंभीरता यह है कि तीनों युवक रसूखदार परिवार से संबंधित हैं और लोरमी के एक राज परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी गाड़ी को जब जमुनाही बैरियर पर गार्ड ने देखा, तो किसी भी प्रकार की रोक-टोक किए बिना बैरियर खोल दिया गया। इसके बाद वे सुरही रेंज पहुंचे और वहाँ भी बिना पूछताछ गार्ड ने बैरियर खोल दिया। इसके बाद युवक जंगल में 14 किलोमीटर तक भ्रमण कर भुरकुंड और जकड़बांधा होते हुए कंचनपुर बैरियर तक पहुंचे।


इस दौरान उन्होंने जंगल में आग लगाई और जगह-जगह फायरिंग की। पूरी घटना के दौरान वन अमला और मैदानी बिटगार्ड ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। आरोपियों के लिए नियमों को ताक में रख दिया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि रसूखदार होने के कारण उनका विशेष संरक्षण किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर वन विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी और तीनों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जंगल के अंदर बंदूक से फायरिंग हुई और धुआं भी निकल रहा है, जो एयर पिस्टल से फायरिंग होने के दावे को गलत साबित करता है। ऐसे हानिकारक और असामाजिक कृत्य न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा करते हैं, बल्कि जंगल की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करते हैं। जंगल के कोर जोन में हथियार लेकर घुसना, आग लगाना और फायरिंग करना गंभीर अपराध है और इसके लिए वन संरक्षण कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

स्थानीय ग्रामीण और सामाजिक संगठनों का कहना है कि वन विभाग की इस तरह की लापरवाही ने नियमों की अवहेलना को बढ़ावा दिया है। अगर वन अमले ने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो यह घटना और भी गंभीर परिणाम ला सकती थी। पुलिस और वन विभाग ने तीनों आरोपी युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन संरक्षण विशेषज्ञों ने प्रशासन से यह भी कहा कि जंगल के कोर एरिया में
सुरक्षा
बढ़ाई जाए, और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सीसीटीवी और नियमित गश्त को अनिवार्य बनाया जाए। यह घटना मुमकिन है कि जंगल में अन्य असामाजिक तत्वों और रसूखदारों को भी प्रेरित करे। इसलिए वन विभाग को न केवल तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि जंगल की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए मजबूत कदम उठाने होंगे। इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली, जंगल सुरक्षा, प्रशासनिक निगरानी और पर्यावरणीय नियमों की गंभीरता पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और वन विभाग किस तरह से इस मामले को सुलझाते हैं और मुंगेली अचानकमार्ग टाइगर रिजर्व के कोर जोन में कानून और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
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