Jagdalpur. जगदलपुर। बस्तर जिले के नगरनार थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक बड़े गांजा तस्करी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी और गांजा के खरीदार मोहम्मद नावेद उर्फ नाजिम को राजस्थान के कोटा जिले से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले गिरफ्तार किए गए साथी आरोपी को नगद और ऑनलाइन भुगतान कर ओडिशा से गांजा लाने के लिए भेजा था। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने पहले ही 27 अक्टूबर 2025 को एक ट्रक से 73 किलो से अधिक गांजा बरामद किया था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख 30 हजार रुपये थी।

इस पूरे मामले में पुलिस ने ट्रक समेत कुल 17 लाख 43 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति भी जब्त की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर फरार आरोपी की तलाश की जा रही थी। लगातार दबिश और खुफिया जानकारी के चलते अंततः पुलिस टीम ने आरोपी को कोटा से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई में नगरनार पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी सहायता, खुफिया तंत्र और जमीन पर लगातार जांच के जरिए पूरे नेटवर्क को उजागर किया। अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी और सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में गिरफ्तारी और जब्ती से गांजा तस्करी के अन्य लिंक और सप्लाई चैन पर भी प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही राज्य में ड्रग्स की अवैध खरीद-फरोख्त को रोकने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले में पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अन्य सप्लाई चैन और सहयोगियों के बारे में जानकारी दी है। आगे की कार्रवाई में इन लिंकों को भी पकड़ा जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें गांजा या अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई के बारे में जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस गिरफ्तारी और बरामदगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्त रवैया अपना रही है और किसी भी तरह के अवैध कारोबार की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नगरनार पुलिस की सतत निगरानी और अभियान की बदौलत राजस्थान और छत्तीसगढ़ के बीच संचालित गांजा नेटवर्क उजागर हुआ। यह कार्रवाई अन्य अपराधियों के लिए चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी और जब्ती के बाद मामले की आगे की जांच जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इस तरह की कार्रवाई से बस्तर जिले में अपराध और ड्रग्स की अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। इस पूरे अभियान ने यह साबित कर दिया कि सतत निगरानी, तकनीकी साक्ष्य और खुफिया जानकारी का उपयोग कर पुलिस किसी भी बड़े अपराध नेटवर्क को सफलतापूर्वक तोड़ सकती है।
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