Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार को तेज आंधी-तूफान के बीच कुकरेल में एक बड़ा हादसा टल गया। धमतरी-नगरी मार्ग पर स्थित कुकरेल बस स्टैंड के पास सड़क किनारे खड़ा विशालकाय नीम का पेड़ अचानक गिर गया, और उसी समय वहां से गुजर रही एक मोटरसाइकिल इसकी चपेट में आ गई। घटना में मोटरसाइकिल सवार दोनों युवकों को हल्की चोटें आईं, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से उनकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम खराब हो गया और तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान शुरू हो गया। कुकरेल बस स्टैंड के पास विशाल नीम का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों ने मिलकर मोटरसाइकिल सवार दोनों युवकों को पेड़ के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया और गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोटें नहीं आई।
इस घटना के कारण धमतरी-नगरी स्टेट हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब एक घंटे तक मार्ग बंद रहा। बाद में स्थानीय लोगों, राहगीरों और व्यापारियों की मदद से पेड़ को हटाया गया और यातायात फिर से सामान्य हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यदि पेड़ कुछ सेकंड पहले या बाद में गिरता या सड़क पर अधिक वाहन होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज आंधी-तूफान के दौरान सड़क किनारे पुराने और जर्जर पेड़ खतरे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोग और प्रशासन इस बात पर सहमत हैं कि ऐसे पेड़ों की समय-समय पर निरीक्षण और आवश्यक कटाई-छंटाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके। धमतरी पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों को सचेत किया है कि तेज हवाओं और तूफानी मौसम के दौरान सड़क पर सावधानी बरतें और खतरनाक पेड़ों या ढहते हुए संरचनाओं से दूर रहें।
घटना ने यह भी उजागर किया कि स्थानीय लोगों की तत्परता और मिलकर की गई बचाव कार्यवाही जीवन बचाने में निर्णायक साबित होती है। हादसे के तुरंत बाद प्रशासन और पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची और राहत कार्य की निगरानी की। हालांकि, हादसे में गंभीर जनहानि नहीं हुई, पर यह घटना क्षेत्र में मौसम के बदलते स्वरूप और सड़क किनारे जर्जर पेड़ों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित करती है। स्थानीय नागरिक और प्रशासन इस बात पर सहमत हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और सावधानी जरूरी है।