Ambikapur. अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुल्हाड़ी में बुधवार सुबह जंगली हाथी के हमले से एक वृद्ध महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान 70 वर्षीय कैलाशो बाई के रूप में हुई है, जो जंगल से वन उपज (डोरी) एकत्र कर अपने घर लौट रही थीं। जानकारी के अनुसार, कैलाशो बाई सुबह के समय गांव के पास स्थित जंगल में डोरी बीनने गई थीं। लौटते समय उनका सामना अचानक एक दंतैल हाथी से हो गया। हाथी को सामने देखकर उन्हें बचने का अवसर नहीं मिला और वह उसकी चपेट में आ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने महिला को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और पैरों से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के समय आसपास मौजूद अन्य ग्रामीणों ने हाथी को देखते ही भागकर अपनी जान बचाई और तुरंत इसकी सूचना गांव में दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन विभाग ने घटना के बाद मृतका के परिजनों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वन विभाग के अनुसार, यह वही जंगली हाथी है जो सूरजपुर जिले के अखोरा क्षेत्र से भटककर कुल्हाड़ी के जंगलों में पहुंचा है। बताया जा रहा है कि यह हाथी पहले भी सूरजपुर क्षेत्र में चार लोगों की जान ले चुका है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है और लोगों से जंगल की ओर न जाने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि हाथी की मूवमेंट पर निगरानी रखने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
ग्रामीणों में इस घटना के बाद भय का माहौल है। कई लोगों ने जंगल में जाने वाले रास्तों से दूरी बना ली है। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में अकेले जंगल की ओर न जाएं और वन विभाग की गाइडलाइन का पालन करें। वन अधिकारियों का कहना है कि हाथी को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आगे किसी तरह की अनहोनी न हो। यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर स्थिति को उजागर करती है, जहां जंगली जानवरों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने से जानमाल का खतरा बढ़ता जा रहा है।