Jagdalpur. जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था की सख्ती का एक उदाहरण जगदलपुर जिले में देखने को मिला, जहां जेड़ी एजुकेशन के निरीक्षण अभियान के दौरान कर्तव्य से अनुपस्थित पाए गए छह शिक्षकों के वेतन में कटौती का आदेश जारी किया गया। यह कार्रवाई कोंडागांव जिले के पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय माकड़ी में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान की गई। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर, एचआर सोम ने हाल ही में इस स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि आधा दर्जन शिक्षक अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित थे। इसके चलते उन्होंने संबंधित शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया।
साथ ही बगैर पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को शो-काज नोटिस देने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान सोम ने विद्यालय में आयोजित प्रार्थना में भी हिस्सा लिया। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को नियमित उपस्थिति बनाए रखने, अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी करने और परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा कक्षा 10वीं और 12वीं के एक-एक कालखंड का अध्यापन कार्य भी उन्होंने स्वयं किया। उन्होंने छात्रों को माध्यमिक शिक्षा मण्डल के बोर्ड परीक्षा 2025 की समय-सारणी से अवगत कराते हुए यह समझाया कि परीक्षा की तैयारी कैसे की जाए, उत्तर कैसे लिखें और तनावमुक्त होकर अधिकतम अंक कैसे प्राप्त किए जा सकते हैं। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कुल 590 विद्यार्थियों में से 493 छात्र उपस्थित पाए गए। वहीं मिडिल स्कूल स्तर पर कुल 53 विद्यार्थियों में से 46 छात्र उपस्थित रहे।
सोम ने प्राचार्य, प्रधान अध्यापक और अन्य शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और ठहराव बढ़ाने के प्रयास जारी रखें, ताकि अच्छे परीक्षा परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें। सोम ने शिक्षकों और अधिकारियों से कहा कि वे अर्धवार्षिक और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों का मार्गदर्शन करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि स्थानीय ग्राम पंचायत और अन्य प्रमुख व्यक्तियों के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए न्यौता भोज का आयोजन किया जाए, जिससे बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन और सामुदायिक सहभागिता मिल सके। इस निरीक्षण का उद्देश्य केवल अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई करना नहीं था।
बल्कि विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने पर केंद्रित था। सोम ने इस मौके पर शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे छात्रों को सैद्धांतिक और व्यवहारिक ज्ञान के साथ-साथ परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करें।जगदलपुर में इस कदम को शिक्षा विभाग द्वारा सख्ती और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि शिक्षक अपने कर्तव्यों से विमुख नहीं हो सकते और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता है। समग्र रूप से, जेड़ी एजुकेशन का यह निरीक्षण अभियान शिक्षकों की जिम्मेदारी, विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी कदम साबित हुआ है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।