Gariaband. गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। अमलीपदर थाना क्षेत्र के खरीपथरा गांव में 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 11 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मासूम का शव घर से करीब 100 मीटर दूर एक पेड़ पर लटकता मिला, जिसे देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं गांव में सदमे का माहौल है।
सुबह खेत जाते समय ग्रामीणों ने देखा फंदे पर लटकता शव
गुरुवार की सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर पेड़ पर लटक रहे एक शव पर पड़ी। पास जाने पर पता चला कि वह गांव का ही 5वीं क्लास का छात्र है। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी गई। परिवार के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर मासूम को पहचान लिया और रो-रोकर बेसुध हो गए। घटना की जानकारी अमलीपदर पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतारा। इसके बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
एक सप्ताह से था मानसिक रूप से परेशान, घरवालों से भी नहीं करता था बात
परिजनों ने बताया कि छात्र पिछले करीब एक सप्ताह से काफी मानसिक तनाव में था। वह किसी से बात नहीं कर रहा था और दिनभर चुप रहता था। घरवालों ने कई बार उससे पूछने की कोशिश की कि आखिर क्या परेशानी है, लेकिन बच्चा कुछ भी नहीं बताता था। उसकी चुप्पी ने परिजनों को भी उलझन में डाल दिया था। परिजन अभी भी समझ नहीं पा रहे हैं कि इतने छोटे बच्चे ने इतना बड़ा और खौफनाक कदम क्यों उठाया।
घर से 100 मीटर दूर पेड़ पर लगाया फंदा
पुलिस के अनुसार, छात्र सुबह के समय घर से निकल गया था। कुछ ही देर बाद वह घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित खेत के पास एक पेड़ तक पहुंचा और वहां फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह कदम उसने किस मानसिक स्थिति में उठाया, इसका अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस घटनास्थल की गहन जांच कर रही है। पेड़ के पास किसी संघर्ष या बाहरी हस्तक्षेप के निशान नहीं मिले हैं, जिससे प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का ही प्रतीत होता है।
पुलिस कर रही परिजनों से पूछताछ, जल्द मिलेगा कारण का सुराग
अमलीपदर थाना प्रभारी ने बताया कि अभी छात्र के आत्महत्या करने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। परिवार के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पिछले एक सप्ताह में उसकी दिनचर्या, स्कूल में उसका व्यवहार, दोस्तों या शिक्षकों के साथ किसी विवाद की संभावना समेत सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं बच्चे पर किसी प्रकार का दबाव, डर, प्रताड़ना या पढ़ाई का तनाव तो नहीं था। छात्र के मोबाइल फोन और स्कूल रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।