महासमुंद में 36 हजार मीट्रिक टन खाद का भंडारण, 16 हजार मीट्रिक टन से अधिक का वितरण

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Update: 2026-06-22 14:08 GMT
Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद जिले में खरीफ सीजन के मद्देनजर खाद भंडारण और वितरण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। कृषि विभाग द्वारा जिले की सभी सहकारी समितियों और विक्रय केंद्रों में किसानों की आवश्यकता के अनुसार लगातार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो और किसानों को समय पर खाद मिल सके। वर्तमान में किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुटे हुए हैं और सहकारी समितियों से खाद का उठाव कर रहे हैं।
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले की सहकारी समितियों में अब तक कुल 36 हजार 264 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है। यह भंडारण निर्धारित लक्ष्य का 54.08 प्रतिशत है। भंडारित उर्वरकों में यूरिया 17 हजार 717 टन, सुपर फास्फेट 7 हजार 327 टन, पोटाश 2 हजार 709 टन, डीएपी 4 हजार 778 टन तथा 12:32:16 मिश्रित उर्वरक 3 हजार 733 टन शामिल हैं। वहीं अब तक जिले में कुल 16 हजार 338 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जो भंडारण के मुकाबले 60.42 प्रतिशत है। कृषि विभाग के अनुसार वितरण की प्रक्रिया सहकारी समितियों के माध्यम से लगातार जारी है और किसानों की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
कृषि विभाग ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में खाद के भंडारण और वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है, ताकि खेती में लागत कम हो और उत्पादन में सुधार हो सके। विभाग द्वारा किसानों को पारंपरिक यूरिया के साथ नैनो यूरिया के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे डीएपी और यूरिया का अत्यधिक उपयोग न करें और जैविक खाद, सुपर फास्फेट, पोटाश तथा अन्य संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे।
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों को केवल अधिकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदना चाहिए तथा पॉस मशीन से रसीद लेना अनिवार्य है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और कालाबाजारी पर रोक लगती है। जिले में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री को रोकने के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ही खाद का उठाव करें और अनुशंसित मात्रा में ही उर्वरकों का उपयोग करें। इससे न केवल फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि भूमि की उत्पादकता भी लंबे समय तक बनी रहेगी। जिले में वर्तमान स्थिति को देखते हुए विभाग का कहना है कि समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संसाधनों को सक्रिय रखा गया है, ताकि खरीफ सीजन में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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