Raigarh. रायगढ़। अनजान लोगों को फोन कर खुद को उनका परिचित बताने और फिर दवा खरीदने के नाम पर रुपए मांगने का अनोखा मामला सामने आया है। आरोपी फोन पर पहले अपना नाम गोलू बताकर मदद मांगता था। इसके बाद उसी कॉल में आवाज बदलकर खुद को मेडिकल दुकान का संचालक बताता और रुपए लेने की कोशिश करता था। मामले का खुलासा तब हुआ, जब रायगढ़ भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल के पास इसी तरह का फोन आया। संदेह होने पर उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी गोलू उर्फ अभिषेक शर्मा को हिरासत में लेकर कार्रवाई की।
जानकारी के मुताबिक भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले युवक ने अपना नाम गोलू बताया और बातचीत के दौरान खुद को परिचित बताने की कोशिश की। जब उमेश अग्रवाल ने उसे पहचानने से इनकार किया तो युवक ने कथित तौर पर रोने जैसी आवाज निकालनी शुरू कर दी। आरोपी ने दवा खरीदने की जरूरत बताते हुए करीब 1500 से 1700 रुपए की मदद मांगी। इसके बाद उसने कहा कि वह मेडिकल दुकान संचालक से बात करा रहा है। यहीं से पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ आया। आरोप है कि युवक ने खुद ही अपनी आवाज बदल ली और मेडिकल दुकान संचालक बनकर बात करने लगा।
आवाज बदलने के बाद उसने अपना नाम मनोज बताया और कहा कि वह दवा उपलब्ध करा रहा है। उमेश अग्रवाल ने जब मेडिकल दुकान के बारे में जानकारी मांगी तो उसने जिला अस्पताल के सामने जनता मेडिकल दुकान होने की बात कही। बातचीत के दौरान उमेश अग्रवाल को युवक की बातों और आवाज को लेकर संदेह हो गया। उन्होंने फोन करने वाले से कहा कि वे खुद मेडिकल दुकान पहुंचकर रुपए दे देंगे। इसके कुछ देर बाद उमेश ने उसी मोबाइल नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। इससे उनका संदेह और गहरा गया। ठगी की आशंका होने पर उमेश अग्रवाल ने तत्काल पूरे मामले की जानकारी एसएसपी को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल नंबर की जांच कराई गई। जांच में जिस नंबर से फोन आया था, वह सक्ती निवासी सतीश अग्रवाल के नाम पर दर्ज मिला।
पुलिस ने सतीश अग्रवाल को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने उमेश अग्रवाल या अन्य लोगों को इस तरह का कोई फोन नहीं किया था। उसने पुलिस को जानकारी दी कि उसके पड़ोस में रहने वाले गोलू उर्फ अभिषेक शर्मा ने उसका मोबाइल फोन लिया था। इस दौरान गोलू ने दो-तीन लोगों से फोन पर बातचीत की थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने गोलू उर्फ अभिषेक शर्मा को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने फोन कर दवा के नाम पर रुपए मांगने की बात स्वीकार की।
पूरे मामले में आरोपी का तरीका पुलिस के लिए भी अहम रहा। वह दूसरे व्यक्ति का मोबाइल लेकर लोगों को फोन करता था। पहले खुद को परिचित बताकर भरोसा जीतने की कोशिश करता और बीमारी तथा दवा का हवाला देकर भावनात्मक दबाव बनाता था। इसके बाद आवाज बदलकर मेडिकल दुकान संचालक बन जाता था, ताकि सामने वाले व्यक्ति को उसकी बात सही लगे और वह रुपए दे दे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने इसी तरीके से अन्य लोगों से भी संपर्क किया था या किसी से रुपए हासिल करने में सफल हुआ था।