फर्जी कॉर्पोरेट डोनेशन देने का झांसा देकर 20.50 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2025-09-30 15:24 GMT
Durg. दुर्ग। एनजीओ को 5 करोड़ रुपए का कॉर्पोरेट डोनेशन दिलाने का झांसा देकर 20.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी संतोष तिवारी (37 वर्ष) को दुर्ग पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी इंटेलिजेंस और ट्रेसिंग के माध्यम से उसे बक्सर जिले के पैतृक गांव से दबोच लिया। जानकारी के अनुसार, पद्मनाभपुर निवासी कृष्णकांत शर्मा ने पुरानी भिलाई थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इंदौर स्थित एक एनजीओ को डोनेशन दिलाने के नाम पर संतोष तिवारी ने उनसे संपर्क किया। तिवारी ने खुद को कॉर्पोरेट कंपनियों से जुड़ा बताया और दावा किया कि वह 5 करोड़ रुपए का फंड एनजीओ के लिए दिलवा सकता है। इसके एवज में तिवारी ने स्कैनर कोड और यूपीआई ट्रांजेक्शन का माध्यम इस्तेमाल करते हुए 20.50 लाख रुपए ले लिए। पैसे लेने के बाद न तो तिवारी ने एनजीओ को कोई डोनेशन दिलाया और न ही राशि वापस की।

जब पीड़ित ने बार-बार संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया और फरार हो गया। शिकायत पर थाना पुरानी भिलाई में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस की टीम दिल्ली और बिहार रवाना हुई। निशानदेही के आधार पर आरोपी के दिल्ली पते पर छानबीन की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सुरागों का पीछा किया और अंततः संतोष तिवारी को उसके पैतृक गांव आशा पड़री, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार) से गिरफ्तार किया। पूछताछ में तिवारी ने अपना जुर्म कबूल किया। उसे 30 सितंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर भिलाई लाया गया। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी समाजसेवा और एनजीओ को निशाना बना रहा था। कई एनजीओ को बड़ी कंपनियों से डोनेशन दिलाने का झांसा देकर लोगों को भरोसे में लेता था। वह खुद को कॉर्पोरेट कंपनियों से जुड़ा बताता और करोड़ों रुपये का फंड दिलाने का दावा कर मोटी रकम वसूल करता था। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी से अब अन्य एनजीओ और लोगों को ठगी के शिकार होने से बचाया जा सकेगा। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और पुलिस उसके अन्य संपर्कों और पुराने मामलों की जांच में जुटी है।
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