Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में हुई आगजनी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि संजय नगर स्थित सतनामीपारा में हुई इस घटना को किसी गैंग या अपराधी ने नहीं, बल्कि एक 10 वर्षीय बालक ने अंजाम दिया था। पुलिस ने विधि के साथ संघर्षरत इस नाबालिग को पूछताछ के बाद कार्रवाई के तहत अभिरक्षा में लिया है। घटना 8 से 9 नवंबर 2025 की दरम्यानी रात की है, जब सतनामीपारा इलाके में अचानक कई स्थानों पर आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया था। अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक साथ कई मकानों, ऑटो, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों में आग लगाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। रातभर फायर ब्रिगेड की टीमों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया। इस दौरान कई वाहनों को भारी नुकसान हुआ और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए। टिकरापारा थाना प्रभारी की अगुवाई में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इलाके में रहने वाला एक 10 वर्षीय बालक रात के समय संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता देखा गया था। पुलिस ने जब बच्चे से पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि आगजनी की पूरी वारदात उसी ने की थी। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि बालक ने किसी रंजिश या साजिश के तहत नहीं, बल्कि “जिज्ञासावश और शरारतन” इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने बताया कि विधि के साथ संघर्षरत बालक से बाल न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घटना में किसी वयस्क व्यक्ति की संलिप्तता नहीं मिली है। फिलहाल बालक के परिजनों से भी पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह ऐसी हरकत क्यों करने लगा। मानसोपचार विशेषज्ञ की मदद से उसके मानसिक स्वास्थ्य का भी परीक्षण कराने की तैयारी की जा रही है। टिकरापारा क्षेत्र में इस खुलासे के बाद लोग जहां राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं इस घटना ने समाज में बाल संरक्षण और अभिभावकीय निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों पर मानसिक दबाव, मोबाइल और सोशल मीडिया का असर भी ऐसे व्यवहार को जन्म दे सकता है। रायपुर पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी असामान्य व्यवहार की स्थिति में तुरंत सलाह और सहायता लें। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह घटना चेतावनी है कि समाज को बाल अपराध की रोकथाम के लिए सामूहिक रूप से आगे आने की जरूरत है।