गरियाबंद मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर, सुरक्षाबलों ने बड़े इनामी मोडेम बालाकृष्णन मार गिराए
छग
Gariaband. गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को गरियाबंद जिले के मटाल पहाड़ों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सली कई राज्यों में सक्रिय थे और उन पर छत्तीसगढ़, ओडिशा व आंध्रप्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इनमें सबसे बड़ा नाम मनोज उर्फ मोडेम बालाकृष्णन उर्फ भास्कर उर्फ बालन्ना का है, जो सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और उसके पास अत्याधुनिक एके-47 हथियार था। सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए इस अभियान में नक्सलियों को नए क्षेत्र में पांव जमाने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। एडीजी एंटी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि अभियान अभी भी जारी है और सुरक्षा बल इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नक्सलियों को नए इलाकों में फैलने से रोकना इस अभियान की बड़ी उपलब्धि है। एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि आठ महीने पहले नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की गई थी और अभी भी कहा जा रहा है कि जो लोग मुख्यधारा से भटक गए हैं वे सरकार की समर्पण नीति का लाभ लेकर समाज में वापस लौट सकते हैं। उन्होंने जवानों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पूरे धैर्य और संयम के साथ अभियान चलाया। अभियान के दौरान घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। दो हेलीकॉप्टर की मदद से मारे गए नक्सलियों के शव और बरामद हथियार गरियाबंद रक्षित केंद्र लाए गए। सुरक्षा बलों ने एके-47, एसएलआर, इंसास, 303 रायफल, 12 बोर गन समेत विस्फोटक सामग्री जब्त की है।
मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त और इनामी राशि
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान कर ली गई है। इनमें कई बड़े पदों पर सक्रिय माओवादी शामिल हैं। इन पर कुल 3 करोड़ 4 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
➤ मनोज उर्फ मोडेम बालाकृष्णन उर्फ भास्कर उर्फ बालन्ना – सेंट्रल कमेटी सदस्य, AK-47 के साथ, वारंगल (तेलंगाना) निवासी। इन पर छत्तीसगढ़ ने 1 करोड़, ओडिशा ने 25 लाख और आंध्रप्रदेश ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
➤ प्रमोद उर्फ पांडू उर्फ चंद्रन्ना – ओडिशा राज्य कमेटी का सदस्य, AK-47 के साथ, आर.आर. जिला (आंध्रप्रदेश) निवासी। छत्तीसगढ़ ने 25 लाख, ओडिशा ने 20 लाख और आंध्रप्रदेश ने 20 लाख रुपये का इनाम रखा।
➤ विमल उर्फ मंगन्ना उर्फ सुरेश – तकनीकी टीम प्रभारी (DVCM), SLR के साथ, आदिलाबाद (तेलंगाना) निवासी। छत्तीसगढ़ ने 8 लाख, ओडिशा व आंध्रप्रदेश ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
➤ विक्रम उर्फ मंजु – ACM, 303 रायफल के साथ, सुकमा (छत्तीसगढ़) निवासी। छत्तीसगढ़ ने 5 लाख, ओडिशा व आंध्रप्रदेश ने 4-4 लाख रुपये का इनाम रखा।
➤ उमेश पिता सुकनू – SDK डिप्टी कमांडर, SLR के साथ, नारायणपुर (छत्तीसगढ़) निवासी। छत्तीसगढ़ ने 5 लाख, ओडिशा व आंध्रप्रदेश ने 4-4 लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
➤ रजीता पत्नी डमरू – ACM, SLR के साथ, कांकेर निवासी। छत्तीसगढ़ ने 5 लाख, ओडिशा व आंध्रप्रदेश ने 4-4 लाख रुपये का इनाम रखा।
➤ अंजली पत्नी कृष्णा – तकनीकी टीम एसीएम, सिंगल शॉट के साथ, सक्रिय। छत्तीसगढ़ ने 5 लाख, ओडिशा व आंध्रप्रदेश ने 4-4 लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
➤ सिंधु – तकनीकी टीम एसीएम, इंसास के साथ। छत्तीसगढ़ ने 5 लाख, ओडिशा व आंध्रप्रदेश ने 4-4 लाख रुपये का इनाम रखा।
➤ आरती – पीएम-06 कंपनी सदस्य, SLR के साथ। छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश ने 1-1 लाख रुपये का इनाम रखा।
➤ समीर – पीएम तकनीकी टीम (उषा का गार्ड), 12 बोर हथियार के साथ। छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश ने 1-1 लाख रुपये का इनाम रखा।
राज्यवार इनाम
➤ छत्तीसगढ़ शासन – 1 करोड़ 60 लाख रुपये
➤ ओडिशा शासन – 72 लाख रुपये
➤ आंध्रप्रदेश शासन – 72 लाख रुपये
सुरक्षा बलों का अभियान और भविष्य की योजना
मुठभेड़ के बाद चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बल लगातार इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं। जवानों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों को भी बरामद कर लिया है। एडीजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य नक्सलियों को नए इलाकों में फैलने से रोकना और उनके नेटवर्क को तोड़ना है।
एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि अभियान केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार की आत्मसमर्पण नीति के माध्यम से मुख्यधारा में लौटने के लिए भी अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने अपील की कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में वापस लौटना चाहते हैं वे आगे आएं। अमरेश मिश्रा ने जवानों की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने शस्त्र पूजन से पहले रक्त पूजन का संकल्प लेकर उसे पूरा किया। जवानों का मनोबल लगातार ऊँचा है और वे कठिन परिस्थितियों में भी अभियान को सफल बना रहे हैं।
इस अभियान से नक्सलियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि ओडिशा और आंध्रप्रदेश में भी नक्सली गतिविधियों पर गंभीर प्रभाव डालेगी। सरकार ने कहा है कि भविष्य में भी नक्सल विरोधी अभियान इसी तरह आगे बढ़ाया जाएगा और विकास तथा शांति की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ के उन इलाकों में सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता का प्रमाण है, जहाँ लंबे समय से नक्सलियों की पकड़ मजबूत रही है। अब यह स्पष्ट है कि नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं और सुरक्षा बलों का मनोबल पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।