Raipur. रायपुर। स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रहे रायपुर और छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। आधुनिक सुविधाओं और बेहतर यातायात व्यवस्था के दावों के बीच सड़क हादसों में कमी लाने की चुनौती अब भी बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बड़ी बनी हुई है। वर्ष 2025 में राजधानी में कुल 2063 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 616 लोगों की मौत हुई और 1382 लोग घायल हुए। यानी औसतन हर दिन करीब दो लोगों की जान सड़क हादसों में जा रही है।

हादसों के आंकड़े बता रहे गंभीर स्थिति
वर्ष 2024 में रायपुर में 2079 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं। इनमें 594 लोगों की मौत हुई, जबकि 1495 लोग घायल हुए। आंकड़े बताते हैं कि दुर्घटनाओं की संख्या में मामूली बदलाव के बावजूद सड़क हादसों में होने वाली मौतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। पिछले वर्षों में भी सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा काफी अधिक रहा है। वर्ष 2019 में रायपुर में 2146 दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं, जबकि 2023 में भी दुर्घटनाओं का आंकड़ा करीब 1961 रहा। सड़क सुरक्षा से जुड़े जानकारों के अनुसार, दोपहिया वाहन चालकों की दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में मौतें होती हैं। हेलमेट का उपयोग न करना, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग बड़ी वजह
सड़क हादसों के पीछे तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना बड़ी वजह मानी जाती है। राजधानी में ड्रंक ड्राइविंग के मामलों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई है। इसके अलावा खराब सड़कें, बारिश के बाद बने गड्ढे, उखड़ा डामर और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था भी हादसों का कारण बन रहे हैं।

ब्लैक स्पॉट बने चुनौती
रायपुर के कई इलाकों में लगातार हादसे होने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट के रूप में देखा जाता है। टाटीबंध चौक, न्यू बाईपास रोड और रिंग रोड जैसे क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। इन स्थानों पर तेज रफ्तार वाहन, भारी वाहनों की आवाजाही और यातायात दबाव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

रोड लाइट, पार्किंग और अतिक्रमण भी समस्या
सड़क हादसों के अलावा शहर में कई अन्य समस्याएं भी यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं।
- कई जगहों पर खराब या बंद रोड लाइट
- अव्यवस्थित पार्किंग
- फुटपाथ पर अतिक्रमण
- सड़कों पर घूमते आवारा मवेशी
- खराब सड़कें
इन समस्याओं के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयास
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हेलमेट और सीट बेल्ट जांच, ड्रंक ड्राइविंग के खिलाफ कार्रवाई और ब्लैक स्पॉट सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रायपुर में 18 लाख से अधिक वाहन होने के कारण यातायात प्रबंधन भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके मुकाबले यातायात पुलिस बल सीमित है।

सुरक्षित व्यवस्था की जरूरत
सड़क सुरक्षा केवल चालकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस और नागरिकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। बेहतर सड़क डिजाइन, पर्याप्त रोशनी, पार्किंग व्यवस्था और नियमों के सख्त पालन से हादसों में कमी लाई जा सकती है। रायपुर को केवल स्मार्ट सिटी का दर्जा ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था की भी जरूरत है। इसके लिए सड़क, पार्किंग, फुटपाथ और ट्रैफिक नियमों को लेकर प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
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