पूसा कृषि विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ कार्यक्रम, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने नए छात्रों से किया संवाद
Bihar बिहार। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बिहार के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को शिक्षा, कृषि और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को लेकर प्रेरित किया। दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय में नए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत करना और उन्हें उच्च शिक्षा के माहौल से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके अनुभवों व अपेक्षाओं को जाना।
नित्यानंद राय ने कहा कि कृषि शिक्षा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की आय बढ़ाने, नई तकनीकों को अपनाने तथा कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में कृषि विश्वविद्यालयों का योगदान अहम है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे पढ़ाई के साथ-साथ शोध और नवाचार पर भी ध्यान दें। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, डिजिटल साधनों और वैज्ञानिक तरीकों के इस्तेमाल से देश की कृषि व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवा विद्यार्थी देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्हें अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से नए विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, नियमों और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक प्रमुख संस्थान है। यहां कृषि विज्ञान, अनुसंधान और किसानों से जुड़े विषयों पर लगातार काम किया जाता है। दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी केंद्रीय मंत्री के साथ बातचीत की और अपने विचार साझा किए। छात्रों को उच्च शिक्षा के दौरान मिलने वाले अवसरों और जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया। नित्यानंद राय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कृषि को केवल परंपरागत पेशे के रूप में नहीं देखें, बल्कि इसे तकनीक और नवाचार से जोड़कर नए अवसरों का माध्यम बनाएं। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दीक्षारंभ कार्यक्रम ने छात्रों को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के लिए उत्साह और प्रेरणा प्रदान की।