भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत गोपालपुर थाना क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा गांधी उच्च माध्यमिक आवासीय विद्यालय, सैदपुर में सोमवार शाम एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया। विद्यालय के छात्रावास में रहने वाली तीन छात्राओं ने गलती से फिनाइल पी लिया, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में विद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों की मदद से तीनों छात्राओं को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोपालपुर पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद छात्राओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच), मायागंज भागलपुर रेफर कर दिया।

छात्रावास में हुई घटना

जानकारी के अनुसार, तीनों छात्राएं कस्तूरबा गांधी उच्च माध्यमिक आवासीय विद्यालय सैदपुर के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती हैं।

सोमवार शाम छात्रावास परिसर में किसी तरह फिनाइल की बोतल छात्राओं के हाथ लग गई। बताया जा रहा है कि उन्होंने इसे पानी या किसी अन्य तरल पदार्थ समझकर पी लिया।

कुछ देर बाद ही तीनों छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें पेट दर्द, बेचैनी और अन्य परेशानी होने लगी, जिसके बाद विद्यालय प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई।

तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया

छात्राओं की हालत खराब होते देख विद्यालय प्रशासन ने बिना देरी किए उन्हें इलाज के लिए सीएचसी गोपालपुर पहुंचाया।

चिकित्सकों ने जांच के बाद उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया।

इसके बाद छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

विद्यालय प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

इस घटना के बाद विद्यालय प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

आवासीय विद्यालयों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए जाते हैं। ऐसे में छात्रावास परिसर में फिनाइल जैसी रासायनिक वस्तु का आसानी से उपलब्ध होना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।

लोगों का कहना है कि सफाई सामग्री को बच्चों की पहुंच से दूर और सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए था।

जांच में जुटे अधिकारी

घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। मामले की जांच की जा रही है कि फिनाइल छात्राओं तक कैसे पहुंचा और इसे रखने में किस स्तर पर लापरवाही हुई।

अधिकारियों की ओर से विद्यालय प्रबंधन से भी जानकारी ली जा सकती है।

छात्राओं के स्वास्थ्य पर नजर

मायागंज अस्पताल में भर्ती छात्राओं की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है।

फिनाइल एक रासायनिक पदार्थ होता है, जिसका सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे मामलों में समय पर इलाज मिलने से खतरे को कम किया जा सकता है।

अभिभावकों में चिंता

घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्राओं के परिवार वालों में चिंता का माहौल है।

आवासीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के साथ रहने की सुविधा दी जाती है, इसलिए अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से बेहतर व्यवस्था की उम्मीद करते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत

इस घटना ने आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रावासों में सफाई सामग्री, दवाएं और अन्य रसायनों को सुरक्षित तरीके से रखा जाना चाहिए। साथ ही बच्चों को भी ऐसी वस्तुओं के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।

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