छपरा। बिहार के छपरा में एक बार फिर असामाजिक तत्वों की करतूत ने रेल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छपरा कचहरी और छपरा जंक्शन के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे बैठे कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से पत्थर फेंके जाने से पाटलिपुत्र-लखनऊ ट्रेन में सफर कर रहा एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल यात्री की पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी मोहम्मद वकील के रूप में हुई है। घटना के बाद रेल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

दरवाजे के पास बैठे यात्री को लगा पत्थर

जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को हुई। मोहम्मद वकील पाटलिपुत्र-लखनऊ ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान वह ट्रेन के दरवाजे के पास बैठे हुए थे।

जब ट्रेन छपरा कचहरी और छपरा जंक्शन के बीच पहुंची, तभी अचानक बाहर से एक पत्थर आकर ट्रेन के दरवाजे के पास बैठे मोहम्मद वकील को लग गया।

पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुई इस घटना से ट्रेन में बैठे अन्य यात्रियों के बीच भी अफरा-तफरी मच गई।

गार्ड को दी गई घटना की जानकारी

घटना के बाद घायल यात्री ने तुरंत ट्रेन के गार्ड को इसकी सूचना दी। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों को मामले की जानकारी दी गई।

यात्रियों ने बताया कि ट्रेन में सफर के दौरान इस तरह की घटनाएं बेहद डराने वाली होती हैं। पत्थरबाजी से यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है और कई बार गंभीर हादसे भी हो सकते हैं।

रेलवे अधिकारियों को सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई।

रेल पुलिस ने दर्ज की FIR

घटना की जानकारी मिलने के बाद रेल पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने ट्रेन पर पत्थर फेंका था।

इसके लिए घटनास्थल के आसपास की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं पत्थरबाजी की घटनाएं

ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसी घटनाओं में कई बार यात्री घायल हो चुके हैं और रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचता है।

रेलवे लगातार यात्रियों की सुरक्षा के लिए अभियान चलाता है, लेकिन रेलवे ट्रैक के आसपास मौजूद असामाजिक तत्वों के कारण इस तरह की घटनाएं चुनौती बनी हुई हैं।

रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर उन क्षेत्रों में जहां रेलवे लाइन के आसपास आबादी या असामाजिक गतिविधियां ज्यादा होती हैं।

रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती है कि ऐसे लोगों पर निगरानी बढ़ाई जाए और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

रेल पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पत्थर किस स्थान से फेंका गया और इसमें कितने लोग शामिल थे। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन के दरवाजे पर बैठने या खड़े होने से बचें। हालांकि, पत्थरबाजी जैसी घटनाओं में यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह रेलवे की जिम्मेदारी होती है, फिर भी सावधानी बरतना जरूरी है।

छपरा में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि रेलवे ट्रैक के आसपास असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है। फिलहाल रेल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यात्रियों को उम्मीद है कि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी।

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