16 दिन बाद नदी से मिला किशोर का कंकाल

Update: 2026-08-01 13:28 GMT

पश्चिम चंपारण जिले: नरकटियागंज में पंडई नदी में डूबे 14 वर्षीय किशोर रेहान अंसारी की तलाश 16 दिन बाद दर्दनाक अंत के साथ खत्म हुई। लंबे समय से लापता किशोर का कंकाल घटनास्थल से करीब 13 किलोमीटर दूर नदी किनारे बरामद हुआ। कंकाल के साथ मिले कपड़ों के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान रेहान के रूप में की। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, शिकारपुर थाना क्षेत्र के खैरवा टोला निवासी जुल्फिकार अंसारी का 14 वर्षीय बेटा रेहान अंसारी 16 जुलाई को अपने दोस्तों के साथ पंडई नदी में स्नान करने गया था। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद प्रशासन ने बचाव अभियान शुरू कराया।

रेहान की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया था। टीम ने लगातार चार दिनों तक नदी में अभियान चलाकर किशोर को खोजने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद भी परिवार लगातार अपने बेटे के मिलने की उम्मीद लगाए बैठा था। कई दिनों तक तलाश जारी रहने के बावजूद रेहान का कोई सुराग नहीं मिल सका।

शनिवार को साठी थाना क्षेत्र के टेढ़ा घाट नदी पुल के पास पंडई नदी किनारे एक मानव कंकाल मिलने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कंकाल के पास मिले कपड़ों को देखकर परिजनों को बुलाया गया। परिवार ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान रेहान अंसारी के रूप में की।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नदी के तेज बहाव के कारण रेहान का शव बहते हुए करीब 13 किलोमीटर दूर पहुंच गया था। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव पूरी तरह सड़-गल गया था। जलस्तर कम होने के बाद नदी किनारे पड़े अवशेषों को जानवरों ने भी नुकसान पहुंचाया, जिससे वहां केवल कंकाल और कपड़े ही बचे थे।

मामले की जानकारी मिलने के बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अवशेषों को परिजनों को सौंप दिया। रेहान के पिता के आवेदन पर शिकारपुर थाना में यूडी केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने नदी में चलाए गए बचाव अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बेहतर तरीके से तलाश की जाती तो शायद किशोर का पता पहले लगाया जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी हादसों में त्वरित और प्रभावी बचाव व्यवस्था की मांग की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पंडई नदी और आसपास की अन्य नदियों में पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में बचाव अभियान के बावजूद लोगों को समय पर नहीं खोजा जा सका है। इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ रही है।

रेहान का कंकाल मिलने के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां शकीला खातून बेटे के कपड़े और अवशेष देखकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे खैरवा टोला गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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