
पटना। बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को आयोजित पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया है। पटना कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक छात्र ने मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर उसे व्हाट्सएप के जरिए वायरल कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि प्रश्नपत्र वायरल होने के बावजूद उसके उत्तर परीक्षा हॉल के अंदर नहीं पहुंच सके, इसलिए परीक्षा रद्द नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, एलएलबी में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा पटना कॉलेज, बीएन कॉलेज और मगध महिला कॉलेज में आयोजित की गई थी। परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चली। इसी दौरान पटना कॉलेज केंद्र पर दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर प्रश्नपत्र की तस्वीर वायरल होने की जानकारी सामने आई।
बताया गया कि परीक्षा के दौरान एक छात्र मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष में पहुंच गया था। उसने प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर उसे वायरल कर दिया। जिस समय छात्र ने प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर भेजी, उस समय परीक्षा केंद्र का जैमर बंद था। सूचना मिलने के बाद तुरंत जैमर चालू कराया गया।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. बीके लाल ने बताया कि प्रश्नपत्र वायरल होने की पुष्टि हुई है, लेकिन जांच में यह सामने आया कि वायरल प्रश्नपत्र का उत्तर परीक्षा कक्ष में मौजूद छात्रों तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि कुछ छात्र मोबाइल लेकर परीक्षा देने पहुंचे थे, जिनकी जांच की गई, लेकिन किसी के पास वायरल प्रश्नपत्र मिलने का प्रमाण नहीं मिला।
घटना के बाद परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले गेट पर पुलिसकर्मी तैनात थे और छात्रों की जांच की जा रही थी। इसके बावजूद छात्र मोबाइल फोन लेकर परीक्षा हॉल तक पहुंच गया। अब विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है कि इतनी सख्ती के बावजूद मोबाइल अंदर कैसे पहुंचा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि पेपर लीक की घटना के बावजूद परीक्षा रद्द नहीं होगी। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, प्रश्नपत्र वायरल होने के बाद भी स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया और परीक्षा निर्धारित समय पर पूरी कराई गई। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से प्रश्नपत्र वायरल करने वाले छात्र की पहचान की जा रही है।
पटना कॉलेज के अलावा बीएन कॉलेज और मगध महिला कॉलेज में परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। दोनों केंद्रों पर किसी तरह की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों ने बताया कि दोषी छात्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल प्रतिबंध के बावजूद छात्रों का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर पहुंचना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।





