पटना। बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने और अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने निगरानी और जांच अभियान तेज करने का फैसला किया है। प्रदेश के छह जिलों में शराब तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इनमें मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान, छपरा, मधुबनी और भागलपुर शामिल हैं। मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के जरिए होने वाली अवैध शराब की ढुलाई पर प्रभावी रोक लगाई जाए। इसके लिए विशेष निगरानी, सघन जांच, छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, राज्य में शराबबंदी कानून के बावजूद अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शराब की अवैध ढुलाई, वाहनों की जांच और अलग-अलग जिलों में चल रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। इस दौरान मंत्री मदन सहनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शराब तस्करी के मामलों में निगरानी बढ़ाई जाए और अवैध कारोबार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान और छपरा में विशेष रूप से बड़े वाहनों के जरिए होने वाली शराब तस्करी पर नजर रखने का फैसला किया गया है। इन जिलों में ट्रकों सहित अन्य बड़े मालवाहक वाहनों की जांच के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य ऐसे वाहनों के माध्यम से अवैध शराब की ढुलाई पर अंकुश लगाना है। जांच के दौरान शराब की अवैध खेप मिलने पर नियमानुसार जब्ती और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री मदन सहनी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए जांच अभियान को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के माध्यम से शराब की ढुलाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। इससे संबंधित जिलों में शराब तस्करी के खिलाफ विभागीय गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को रोकना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनी हुई है। प्रदेश में शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री से संबंधित प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में शराब की बरामदगी के साथ संबंधित वाहनों और अन्य संपत्तियों की जब्ती भी कानूनी प्रावधानों के अनुसार की जा सकती है।
इस विशेष अभियान में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान और छपरा पर अलग से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन जिलों में बड़े वाहनों की निगरानी बढ़ने से अवैध शराब के परिवहन की जांच अधिक व्यापक स्तर पर की जा सकेगी। विभागीय अधिकारियों को शराब तस्करी से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखने और संदिग्ध मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरी तरफ मधुबनी और भागलपुर जिलों में देसी शराब की बरामदगी और जब्ती के लिए विशेष
अभियान
चलाने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों जिलों में देसी शराब से जुड़े अवैध कारोबार की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग के निर्देशों के अनुसार, शराब की बरामदगी के लिए छापेमारी और जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अवैध शराब मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मधुबनी और भागलपुर में प्रस्तावित अभियान का मुख्य उद्देश्य देसी शराब की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। इन जिलों में बरामदगी और जब्ती पर जोर देने से विभाग को शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। हालांकि, अभियान कब से शुरू होगा और कितने दिनों तक चलेगा, इसकी विस्तृत समय-सारणी उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
राज्य में शराबबंदी लागू करने का उद्देश्य शराब के अवैध कारोबार को रोकने के साथ सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर इसके दुष्प्रभावों को कम करना भी रहा है। ऐसे में सरकार के सामने शराब की तस्करी, अवैध बिक्री और देसी शराब के गैरकानूनी कारोबार को रोकने की चुनौती है। विभागीय समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश इसी दिशा में उठाया गया कदम हैं।
शराब तस्करी रोकने के लिए बड़े वाहनों की जांच इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ट्रक और मालवाहक वाहनों में अधिक मात्रा में सामान का परिवहन किया जाता है। ऐसे वाहनों के माध्यम से अवैध शराब ढोए जाने के मामलों में जांच और
निगरानी
की आवश्यकता रहती है। संबंधित अधिकारियों को वाहनों की जांच करते समय लागू कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
मंत्री मदन सहनी के निर्देशों के बाद संबंधित जिलों में मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। इस दौरान अवैध शराब की बरामदगी, तस्करी में इस्तेमाल वाहनों की पहचान और नियमानुसार जब्ती की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस अभियान की सफलता का आकलन आने वाले समय में की गई जांच, बरामदगी और कानूनी कार्रवाई के आधार पर किया जा सकेगा। फिलहाल समीक्षा बैठक में किसी विशेष वाहन की जब्ती या नई गिरफ्तारी की संख्या की जानकारी नहीं दी गई है।
बिहार सरकार के इस निर्णय से यह स्पष्ट है कि राज्य में अवैध शराब के परिवहन और देसी शराब की बरामदगी को लेकर निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान और छपरा में बड़े वाहनों की जांच पर जोर रहेगा, जबकि मधुबनी और भागलपुर में देसी शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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