दरभंगा। वर्षों से अधर में पड़ी सकरी-हसनपुर रेल परियोजना को लेकर एक बार फिर लोगों की आवाज बुलंद होने लगी है। परियोजना के पुराने निर्धारित रूट पर ही हरनगर से कुशेश्वरस्थान होते हुए हसनपुर तक रेल लाइन निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसानों और जनप्रतिनिधियों की बैठक बेर चौक पर आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के लोगों ने परियोजना के लंबित हिस्से को जल्द पूरा कराने के लिए आंदोलन तेज करने की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता शंकर कुमार झा ने की। इस दौरान विशेष रूप से हरनगर से बिथान रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 10 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई गई। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के एक हिस्से में लंबे समय से काम बंद रहने के कारण इसका पूरा लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल पा रहा है।
वर्षों से बंद है निर्माण कार्य
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सकरी-हसनपुर रेल परियोजना मिथिलांचल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के पूरा होने से प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा कुशेश्वरनाथ धाम सीधे रेल मार्ग से जुड़ जाएगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।
लोगों का कहना है कि परियोजना के तहत कुछ हिस्सों में रेल परिचालन शुरू हो चुका है, लेकिन हरनगर और बिथान के बीच का लगभग 10 किलोमीटर हिस्सा अभी भी अधूरा है। इस कारण पूरी रेल परियोजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि सकरी से हरनगर और हसनपुर से बिथान तक रेल परिचालन हो रहा है, लेकिन बीच का हिस्सा अधूरा रहने से दोनों रेलखंड आपस में नहीं जुड़ पा रहे हैं।
पुराने रूट पर काम शुरू कराने की मांग
बैठक में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि हरनगर से कुशेश्वरस्थान होते हुए हसनपुर तक रेल लाइन का निर्माण पुराने निर्धारित रूट के अनुसार ही कराया जाए। उनका कहना था कि लंबे समय से प्रस्तावित मार्ग क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किया गया था और इसी मार्ग से कुशेश्वरनाथ धाम को रेल संपर्क उपलब्ध कराया जा सकता है।
लोगों ने कहा कि मार्ग को लेकर किसी तरह का बदलाव परियोजना को और लंबा खींच सकता है। इसलिए प्राथमिकता अधूरे हिस्से का निर्माण पूरा करने को दी जानी चाहिए।
तीर्थस्थल से जुड़ाव को बताया महत्वपूर्ण
बाबा कुशेश्वरनाथ धाम मिथिलांचल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बैठक में कहा गया कि यदि यह क्षेत्र सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ता है तो स्थानीय धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
रेल संपर्क बेहतर होने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि रेल परियोजना केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि स्थानीय आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
आंदोलन तेज करने पर चर्चा
बैठक में हरनगर-बिथान रेलखंड के निर्माण को जल्द शुरू कराने के लिए आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद यदि निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ता है तो जन आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
इसके तहत संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने, लोगों को अभियान से जोड़ने और परियोजना की स्थिति को लेकर सरकार तथा रेलवे के सामने मांग रखने पर विचार किया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की लंबे समय से इस परियोजना से उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। रेल लाइन के अधूरे हिस्से का निर्माण होने से दूर-दराज के गांवों के लोगों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
किसानों और ग्रामीणों की भी भागीदारी
बैठक में किसानों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होने से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी आसानी होगी। इसके अलावा रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
लोगों ने कहा कि रेल परियोजना के पूरा होने से मिथिलांचल के कई इलाकों के बीच संपर्क मजबूत होगा। खासकर सकरी, कुशेश्वरस्थान और हसनपुर क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अधूरे लिंक के कारण पूरी परियोजना का लाभ नहीं
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी रेल परियोजना का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब उसके प्रमुख हिस्से आपस में जुड़ जाएं। सकरी-हसनपुर परियोजना में हरनगर-बिथान के बीच का हिस्सा इसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एक ओर सकरी से हरनगर और दूसरी ओर हसनपुर से बिथान तक रेल परिचालन होने के बावजूद बीच में लाइन पूरी नहीं होने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
आगे की रणनीति पर नजर
बैठक के बाद लोगों ने स्पष्ट किया कि हरनगर-बिथान रेल लाइन के निर्माण को लेकर अभियान जारी रखा जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसानों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बनाकर आंदोलन को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
बैठक में लोगों ने केंद्र और रेल मंत्रालय से मांग की कि वर्षों से लंबित सकरी-हसनपुर रेल परियोजना के हरनगर-बिथान हिस्से का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए और पुराने निर्धारित मार्ग से रेल लाइन पूरी कर बाबा कुशेश्वरनाथ धाम को रेल संपर्क से जोड़ा जाए।