बेतिया। शहर में लंबे समय से जर्जर सड़क और जलजमाव की समस्या का सामना कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केआर स्कूल से छोटी नहर तक पीसीसी सड़क और आरसीसी नाले के निर्माण की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत प्रस्तावित इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 3.06 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड यानी बुडको ने निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी कर दी है।

टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने और चयनित एजेंसी को कार्यादेश जारी किए जाने के बाद मौके पर निर्माण शुरू कराया जाएगा। सड़क और नाले का निर्माण पूरा होने से आसपास के कई मोहल्लों के निवासियों, विद्यार्थियों, दुकानदारों और राहगीरों को फायदा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से बरसात के दिनों में सड़क पर जमा होने वाले पानी और आवाजाही में आने वाली परेशानी से लोगों को राहत मिल सकेगी।

जर्जर सड़क से लंबे समय से परेशान हैं लोग

केआर स्कूल से छोटी नहर तक जाने वाली सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बताई जा रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के समय समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलजमाव के कारण सड़क जल्दी खराब हो जाती है। कई स्थानों पर नाली का पानी सड़क पर फैलने से आसपास गंदगी और दुर्गंध की स्थिति भी पैदा हो जाती है। ऐसे में पीसीसी सड़क के साथ आरसीसी नाले का निर्माण होने से दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नई सड़क से यातायात सुगम होने के साथ ही नाला बनने पर बारिश और घरों से निकलने वाले पानी की निकासी व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। हालांकि, योजना का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब नाले को उचित निकासी बिंदु से जोड़ा जाएगा और निर्माण के बाद उसकी नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

महापौर ने निर्माण स्थल का किया निरीक्षण

निविदा जारी होने के बाद नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने केआर स्कूल से छोटी नहर तक सड़क और नाले की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान परियोजना के दायरे, जल निकासी की आवश्यकता और निर्माण से प्रभावित होने वाले क्षेत्र की जानकारी ली गई।

महापौर ने बताया कि मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत सड़क और नाला निर्माण को स्वीकृति मिली है। बुडको की ओर से निविदा जारी की जा चुकी है। टेंडर की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा और इसके बाद काम शुरू होगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण पूरा होने से इस मार्ग से जुड़ी बड़ी आबादी को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही जलजमाव की समस्या को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। महापौर ने परियोजना को शहर की आधारभूत सुविधाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पीसीसी सड़क से बढ़ेगी मजबूती

पीसीसी यानी प्लेन सीमेंट कंक्रीट सड़क को सामान्यतः अधिक टिकाऊ माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में जहां बारिश का पानी बार-बार जमा होता है, वहां कंक्रीट की सड़क अपेक्षाकृत अधिक उपयोगी साबित हो सकती है। प्रस्तावित सड़क निर्माण से मार्ग की मजबूती बढ़ने और बार-बार मरम्मत की जरूरत कम होने की उम्मीद है।

वहीं, आरसीसी नाले के निर्माण से सड़क के दोनों ओर अथवा निर्धारित हिस्से से पानी की निकासी सुचारु की जा सकेगी। इससे सड़क पर पानी फैलने की समस्या कम हो सकती है। नाले को ढकने और जरूरी स्थानों पर सफाई के लिए व्यवस्था किए जाने से दुर्घटना और कचरा जमा होने का खतरा भी घटाया जा सकता है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। सड़क की मोटाई, निर्माण सामग्री, नाले की गहराई और जल निकासी की दिशा जैसे तकनीकी पहलुओं पर निगरानी रखने की आवश्यकता होगी। घटिया निर्माण होने की स्थिति में कुछ समय बाद फिर से सड़क टूटने या नाला जाम होने की समस्या सामने आ सकती है।

निर्माण के दौरान आवागमन हो सकता है प्रभावित

परियोजना पर काम शुरू होने के बाद मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो सकता है। सड़क और नाले का निर्माण एक साथ किए जाने के कारण लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ सकता है। दुकानदारों और मकान मालिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण एजेंसी को चरणबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत होगी।

निर्माण स्थल पर सुरक्षा घेरा, चेतावनी संकेत और रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। खुले नाले या निर्माण सामग्री के कारण किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए संबंधित एजेंसी को आवश्यक सावधानियां अपनानी होंगी।

लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि निर्माण शुरू होने से पहले कार्य की समयसीमा सार्वजनिक की जाए। साथ ही परियोजना की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए, ताकि निर्धारित अवधि में सड़क और नाले का काम पूरा हो सके। निर्माण में अनावश्यक देरी होने पर बरसात या यातायात के दौरान परेशानी बढ़ सकती है।

शहर की आधारभूत संरचना को मिलेगी मजबूती

कुल 3.06 करोड़ रुपये की लागत वाली इन योजनाओं से केआर स्कूल और छोटी नहर के बीच का मार्ग बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क और जल निकासी किसी भी शहर की बुनियादी जरूरतों में शामिल हैं। इनका सही निर्माण स्थानीय जीवन, व्यापार और यातायात व्यवस्था पर सीधा सकारात्मक असर डाल सकता है।

फिलहाल बुडको ने निविदा जारी कर परियोजना को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वास्तविक निर्माण शुरू होगा। ऐसे में स्थानीय लोगों की नजर अब निर्माण एजेंसी के चयन, कार्यादेश और परियोजना की समयसीमा पर रहेगी। यदि काम निर्धारित मानकों और समय के अनुसार पूरा होता है तो जर्जर सड़क तथा जलजमाव से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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