Bihar बिहार: भागलपुर समेत पूरे पूर्वी बिहार और सीमांचल क्षेत्र के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन और महा-मरम्मत कार्य को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने सोमवार को गंगा नदी पर बने इस महत्वपूर्ण पुल का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री के ग्राउंड जीरो निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों से काम की स्थिति, गुणवत्ता और समय सीमा को लेकर जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विक्रमशिला सेतु की मरम्मत का काम पूरी गंभीरता और तेजी के साथ पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर के साथ-साथ पूर्वी बिहार, कोसी, सीमांचल और झारखंड के कई क्षेत्रों को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण पुल है। इस पुल के जरिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग, वाहन और मालवाहक गाड़ियां आवाजाही करती हैं। ऐसे में इसकी मजबूती और सुरक्षित संचालन को लेकर लंबे समय से मांग उठती रही है।
निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण मंत्री ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जनप्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता से जुड़े महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुल के पुनर्स्थापन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने निर्माण एजेंसियों से काम की गति बढ़ाने और तय समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की सुविधा और क्षेत्र के आर्थिक विकास से जुड़ा विषय है।
विक्रमशिला सेतु के खराब होने और मरम्मत की जरूरत को देखते हुए सरकार ने इसके पुनर्स्थापन का काम शुरू किया है। लंबे समय से भारी वाहनों और बढ़ते यातायात दबाव के कारण पुल पर असर पड़ा था। अब मरम्मत कार्य के जरिए पुल को मजबूत बनाने और इसकी उपयोगिता बढ़ाने की योजना है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इसमें पुल की संरचना, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, सुरक्षा मानकों और काम की प्रगति से संबंधित जानकारी शामिल थी।
मंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े पुल की मरम्मत में गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए कार्यदायी एजेंसियों को तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए विक्रमशिला सेतु बेहद अहम है। इस पुल के बेहतर होने से यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा और व्यापार, उद्योग तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति में सुधार होने से जाम की समस्या कम होगी और यात्रा का समय भी घटेगा। खासतौर पर सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों से आने-जाने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
पथ निर्माण विभाग लगातार राज्य में महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों पर ध्यान दे रहा है। विक्रमशिला सेतु की मरम्मत भी इसी बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी तैयार करना है।
मंत्री के निरीक्षण के बाद अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों में भी काम को लेकर सक्रियता बढ़ गई है। विभाग की ओर से उम्मीद जताई जा रही है कि तय योजना के अनुसार कार्य पूरा होने के बाद विक्रमशिला सेतु पहले से अधिक सुरक्षित और मजबूत हो जाएगा।
विक्रमशिला सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसकी मरम्मत पूरी होने के बाद पूर्वी बिहार और सीमांचल के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इस परियोजना पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा सके।