गोपालगंज: जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया है। जिलाधिकारी समीर सौरभ के आदेश पर कुल 75 कर्मियों का स्थानांतरण और नवपदस्थापन किया गया है। सभी स्थानांतरित कर्मियों को 5 जुलाई तक हर हाल में अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना अनिवार्य किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यदि कोई कर्मी निर्धारित समय सीमा तक नए स्थान पर योगदान नहीं देता है तो उसे 6 जुलाई की अपराह्न से स्वतः विरमित (रिलीज्ड) माना जाएगा। इसके साथ ही आदेश का पालन सख्ती से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस तबादले में सबसे अधिक संख्या महिला पर्यवेक्षिकाओं की है। कुल 53 महिला पर्यवेक्षिकाओं का स्थानांतरण विभिन्न परियोजना कार्यालयों में किया गया है। इनमें बैकुंठपुर, बरौली, भोरे, गोपालगंज सदर, हथुआ, कटेया, कुचायकोट, मांझा, पंचदेवरी, फुलवरिया, सिधवलिया, थावे, उचकागांव और विजयीपुर परियोजना कार्यालय शामिल हैं।
इसके अलावा जिले के 11 प्रखंड समन्वयकों का भी तबादला किया गया है। इनमें कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। अमलेश गिरी को कटेया के साथ पंचदेवरी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अन्य समन्वयकों में मनोरंजन कुमार, अनुभव आनंद, आशुतोष कुमार, आलोक रंजन, अन्नु कुमारी, मनीषा कुमारी, मेराज अली सहित अन्य कर्मियों को नए स्थान पर तैनात किया गया है। तबादले की सूची में 11 डाटा एंट्री ऑपरेटर और कार्यपालक सहायक भी शामिल हैं, जिनका कार्यक्षेत्र बदल दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस कदम से विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि स्थानांतरण के बाद कोई अधिकारी किसी कर्मी से पुराने कार्यालय में कार्य कराता है, तो उस अवधि का वेतन संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूला जाएगा। इस निर्देश के बाद विभाग में सख्ती और अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया है। बड़े पैमाने पर हुए इस तबादले के बाद ICDS कार्यालयों में हलचल तेज हो गई है। कर्मचारी नए पदस्थापन की तैयारी में जुट गए हैं, जबकि विभागीय स्तर पर समय पर योगदान सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा और कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।