Bihar: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने संघ के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है और सवाल पूछने वालों को चुप रहने की सलाह दी जा रही है। इस मामले को लेकर सियासी माहौल और गर्म हो गया है।
मनोज झा ने कहा कि राम मंदिर फंड में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाने वालों को ‘हिंदू विरोधी’ और ‘राष्ट्र विरोधी’ बताया जा रहा है, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है, उन्हें ही अब चुप रहने को कहा जा रहा है। सांसद ने कहा कि किसी भी धार्मिक आस्था से जुड़े मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। आरजेडी सांसद ने यह भी कहा कि कोई भी संगठन हिंदू धर्म का ठेकेदार नहीं हो सकता। उनके अनुसार हिंदू धर्म RSS के बनने से पहले भी अस्तित्व में था और आगे भी रहेगा, इसलिए किसी को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन सवाल पूछ सकता है और कौन नहीं।
इससे पहले RSS की ओर से पहली बार इस मामले पर बयान दिया गया। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि रामलला मंदिर के दानपात्रों में जमा राशि की चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से विश्वास को ठेस पहुंचती है। दत्तात्रेय होसबाले ने आगे कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर का निर्माण करोड़ों भक्तों के त्याग और समर्पण से हुआ है, इसलिए इसके प्रबंधन और संचालन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।
उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से भी अपील की कि मंदिर की व्यवस्था में मौजूद सभी कमियों को दूर किया जाए और वित्तीय प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें और किसी भी तरह के भड़काऊ प्रयासों से बचें। RSS ने यह भी कहा कि कुछ ताकतें इस घटना का इस्तेमाल हिंदू समाज और धर्म की छवि खराब करने के लिए कर सकती हैं, इसलिए समाज को सतर्क रहना चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है।