बूढ़ी गंडक नदी में नहाने गए दो किशोर डूबे, पुल से छलांग लगाने के दौरान हुआ हादसा
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। अंजनाकोट स्थित भुड़कुड़वा बूढ़ी गंडक नदी घाट पर नहाने गए पांच किशोरों में से दो किशोर नदी में डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत नदी में उतरकर दोनों किशोरों की तलाश शुरू की, लेकिन काफी देर तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।
जानकारी के अनुसार, पांचों किशोर सोमवार को अंजनाकोट के समीप स्थित भुड़कुड़वा घाट पर नहाने पहुंचे थे। सभी किशोर नदी के पास बने पुल पर गए और वहां से एक-एक कर नदी में छलांग लगाने लगे। इसी दौरान हादसा हो गया।
बताया जा रहा है कि पुल से छलांग लगाने के बाद तीन किशोर किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन दो किशोर नदी के तेज बहाव में फंस गए और बाहर नहीं आ सके। देखते ही देखते दोनों किशोर पानी में लापता हो गए।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत नदी में उतरकर दोनों किशोरों की तलाश शुरू कर दी। ग्रामीण काफी देर तक अपने स्तर पर खोजबीन करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना मिलने के बाद मोतीपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और लापता किशोरों की तलाश के लिए अभियान शुरू कराया। थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने बताया कि पांचों किशोर अंजनाकोट के पास भुड़कुड़वा घाट पर नहाने पहुंचे थे।
थानाध्यक्ष के मुताबिक, सभी किशोर पुल पर चढ़कर नदी में छलांग लगा रहे थे। इस दौरान तीन किशोर तो सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन दो किशोर नदी से बाहर नहीं आ सके। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों की तलाश की जा रही है।
घटना के बाद नदी घाट पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन भी मौके पर पहुंच गए और किशोरों की तलाश को लेकर चिंतित नजर आए। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के मौसम में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और पानी का बहाव भी तेज हो जाता है। इसके बावजूद कई बार बच्चे और युवा नदी में नहाने या पुल से छलांग लगाने के लिए पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन की ओर से लगातार लोगों से अपील की जाती है कि बारिश के समय नदियों में जाने से बचें और खतरनाक स्थानों पर जाने से परहेज करें। खासकर तेज बहाव वाली नदियों में तैराकी या छलांग लगाना जानलेवा साबित हो सकता है।
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से भी तलाश अभियान शुरू कराया है। आवश्यकता पड़ने पर एसडीआरएफ या अन्य बचाव दल की सहायता लेने की संभावना भी जताई जा रही है।
इस तरह के हादसे अक्सर नदी के जलस्तर बढ़ने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण सामने आते हैं। पुल या ऊंचे स्थानों से नदी में छलांग लगाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है, ताकि लोग खतरे वाले स्थानों पर जाने से बचें। कई बार जानकारी के अभाव या रोमांच के कारण किशोर ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिनका परिणाम बेहद गंभीर हो सकता है।
पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि किशोरों की उम्र कितनी थी और वे किन परिस्थितियों में नदी में नहाने पहुंचे थे। इसके अलावा प्रशासन की ओर से भी लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता दोनों किशोरों को सुरक्षित तलाशना है। पुलिस और स्थानीय लोग लगातार नदी में खोज अभियान चला रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।