झारखंड

रामगढ़: अपराध पर लगाम के लिए डिजिटल कदम

Saba Naaz
4 July 2026 2:26 PM IST
रामगढ़: अपराध पर लगाम के लिए डिजिटल कदम
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Jharkhand: रामगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण और मामलों के त्वरित खुलासे के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। इसके तहत “डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल” विकसित किया गया है और 36 सदस्यीय “क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन विंग” का गठन किया गया है। इस पहल की जानकारी पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।

एसपी ने बताया कि जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से यह नई तकनीक आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। डिजिटल पोर्टल के माध्यम से आरोप-पत्रित अपराधियों की पूरी प्रोफाइलिंग की जाएगी। इसमें अपराधियों का आपराधिक इतिहास, वर्तमान स्थिति, सत्यापन विवरण और उनके अपराध करने के तरीके (Modus Operandi) से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी, जिससे पुलिस को मामलों के खुलासे में तेजी मिलेगी।रामगढ़ पुलिस ने 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक विभिन्न गंभीर मामलों में आरोप-पत्रित कुल 1971 अपराधियों की सूची तैयार की है। इनमें हत्या, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस, लूट, डकैती, रंगदारी, चोरी और वाहन चोरी जैसे मामले शामिल हैं। इस सूची को डिजिटल सिस्टम में शामिल कर लगातार अपडेट किया जाएगा।

नई गठित “क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन विंग” में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, सभी निरीक्षक, थाना और ओपी प्रभारी सहित नोडल अधिकारी शामिल किए गए हैं। यह विंग सीधे पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में काम करेगा और इसकी नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया को मजबूत बनाया जा सके। पुलिस ने निर्देश दिया है कि आरोप-पत्रित अपराधियों का दोहरी जांच प्रक्रिया यानी डुअल वेरिफिकेशन किया जाएगा। यदि कोई अपराधी दूसरे थाना क्षेत्र में रह रहा है तो दोनों थाने मिलकर उसका सत्यापन करेंगे और रिपोर्ट समय सीमा के भीतर तैयार करेंगे।

इसके साथ ही जमानत पर छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ डोजियर तैयार करना, निगरानी प्रस्ताव, सीसीए कार्रवाई और जमानत निरस्तीकरण जैसी प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। रामगढ़ पुलिस ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि अपराध या अपराधियों से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत साझा किया जाए, और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए तकनीक और सख्ती दोनों स्तर पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

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