चंडीगढ़: गुरु अमरदास थर्मल प्लांट (जीएटीपी), गोइंदवाल साहिब के पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में औपचारिक विलय की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है, लेकिन कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं। पीएसपीसीएल ने निजी प्रबंधन के समय थर्मल प्लांट में कार्यरत इंजीनियरों, अधिकारियों और तकनीकी व गैर-तकनीकी कर्मचारियों के समायोजन के लिए 108 पदों को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले को गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट से जुड़े कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से कर्मचारी अपने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंतित थे। अब पदों की मंजूरी मिलने के बाद उनके समायोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
विलय प्रक्रिया अभी बाकी
गुरु अमरदास थर्मल प्लांट, गोइंदवाल साहिब का पीएसपीसीएल में विलय सरकार की महत्वपूर्ण ऊर्जा योजनाओं में शामिल है। हालांकि, दोनों संस्थानों के बीच औपचारिक विलय की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
इसके बावजूद पीएसपीसीएल ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पदों की मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन पदों के माध्यम से कर्मचारियों को व्यवस्थित तरीके से समायोजित किया जा सकेगा।
निजी प्रबंधन के समय कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट पहले निजी प्रबंधन के अधीन संचालित होता था। उस समय यहां बड़ी संख्या में इंजीनियर, अधिकारी और तकनीकी व गैर-तकनीकी कर्मचारी कार्यरत थे।
प्लांट के पीएसपीसीएल के अधीन आने के बाद इन कर्मचारियों के समायोजन का मुद्दा महत्वपूर्ण बन गया था। कर्मचारियों की मांग थी कि उनके अनुभव और सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें उचित स्थान दिया जाए।
पीएसपीसीएल द्वारा 108 पदों की मंजूरी को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
तकनीकी और गैर-तकनीकी स्टाफ शामिल
स्वीकृत किए गए पदों में इंजीनियरिंग से जुड़े पदों के साथ-साथ तकनीकी और गैर-तकनीकी कर्मचारियों के लिए भी जगह रखी गई है।
थर्मल प्लांट के संचालन में इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसके अलावा प्रशासनिक और अन्य विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी समायोजन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद
पदों की मंजूरी के बाद कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी सेवाओं को नियमित प्रक्रिया के तहत मान्यता मिल सकेगी।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से वे अपने भविष्य को लेकर असमंजस में थे। पीएसपीसीएल के इस फैसले से उन्हें कुछ राहत मिली है, लेकिन वे चाहते हैं कि समायोजन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
बिजली क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम
गुरु अमरदास थर्मल प्लांट पंजाब की बिजली व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इसके संचालन और मानव संसाधन व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है।
पीएसपीसीएल की ओर से पदों की मंजूरी को बिजली उत्पादन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी एक कदम माना जा रहा है। अनुभवी कर्मचारियों के शामिल होने से प्लांट के संचालन में स्थिरता आने की उम्मीद है।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
अब सभी की नजर पीएसपीसीएल और संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर है। 108 पदों की मंजूरी के बाद कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच, पदों के अनुसार समायोजन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
विलय की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिलहाल, गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट के कर्मचारियों के लिए यह फैसला एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। पीएसपीसीएल द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल कर्मचारियों के हितों से जुड़ा है, बल्कि पंजाब की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।