पशु तस्करी में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का खुलासा

Update: 2026-08-08 12:04 GMT

मुंगेर। पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के बीच मुंगेर पुलिस ने अपने ही विभाग के चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पशु तस्करों से कथित सांठगांठ और उनके वाहनों को जिले की सीमा से सुरक्षित पार कराने में मदद करने के आरोप में एक जमादार समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस विभाग के भीतर हुई इस कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि आरोपी पुलिसकर्मी पशु तस्करों के संपर्क में थे और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को रास्ता उपलब्ध कराने में मदद करते थे। आरोप है कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी और पद का फायदा उठाकर वाहनों को जांच से बचाते हुए जिले की सीमा पार कराने में सहयोग करते थे।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई

मामले में कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर की गई। पुलिस अधिकारियों को जब पुलिसकर्मियों की संदिग्ध गतिविधियों और पशु तस्करों के साथ कथित संपर्क की जानकारी मिली तो मामले की जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चारों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।

पुलिस विभाग की ओर से अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

तस्करों के वाहनों को रास्ता देने का आरोप

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि वे पशु तस्करों से संपर्क में रहते थे। तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों की आवाजाही की जानकारी मिलने के बावजूद कथित रूप से उन्हें रोकने के बजाय सुरक्षित तरीके से जिले की सीमा पार कराने में मदद की जाती थी।

ऐसे वाहनों को पुलिस जांच से बचाने के लिए कथित तौर पर पुलिसकर्मी अपनी स्थिति और ड्यूटी का इस्तेमाल करते थे। इससे पशु तस्करों को पुलिस कार्रवाई से बच निकलने का मौका मिलता था।

मामले की जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों और तस्करों के बीच संपर्क कितने समय से था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

चार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अब कथित पशु तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

जांच अधिकारियों की नजर इस बात पर भी है कि जिले की सीमा से पशुओं को किन रास्तों से ले जाया जाता था और तस्करों को किन स्थानों पर पुलिस की गतिविधियों की जानकारी मिलती थी।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य संपर्क माध्यमों की भी जांच कर सकती है। इससे तस्करों के साथ उनके संबंधों और संभावित लेन-देन की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

अपने ही विभाग के चार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद मुंगेर पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। इस कार्रवाई ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले किसी भी कर्मचारी की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी अपराधियों के साथ सांठगांठ करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पशु तस्करी पर रोक लगाने की चुनौती

मुंगेर समेत आसपास के क्षेत्रों में पशु तस्करी पर रोक लगाना पुलिस के लिए लगातार चुनौती रहा है। तस्कर अक्सर वाहनों के जरिए पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच और निगरानी महत्वपूर्ण होती है।

यदि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मचारी ही तस्करों को सहयोग करें तो कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।

आरोपियों की भूमिका की होगी विस्तृत जांच

पुलिस अब गिरफ्तार किए गए चारों कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। यह पता लगाया जाएगा कि उन्होंने कितने वाहनों को सीमा पार कराने में मदद की और इस कथित नेटवर्क से उन्हें किसी तरह का आर्थिक लाभ मिला था या नहीं।

इसके अलावा तस्करों के साथ उनकी मुलाकात, संपर्क और संभावित लेन-देन की भी जांच की जा सकती है। यदि जांच में अन्य पुलिसकर्मियों या बाहरी लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।

सख्त कार्रवाई का संदेश

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से विभाग की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पशु तस्करी या किसी अन्य अवैध गतिविधि में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद अब पुलिस की प्राथमिकता तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है। जांच में यदि तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच लंबे समय से संबंध होने की पुष्टि होती है तो मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

फिलहाल जमादार समेत चार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी ने मुंगेर पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। विभागीय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी है।

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