Patna: बिहार में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान पूरे जोर पर है। राजधानी पटना सहित कई जिलों में सड़कों, फुटपाथों और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। पटना में विशेष रूप से बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, जहां कई टीमों का गठन किया गया है। यह अभियान शहर को जाम मुक्त और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।पटना जिला प्रशासन ने अवैध कब्जे हटाने के लिए मजबूत तैयारी की है। पटना नगर निगम के नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बैंकिपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी अंचलों के अलावा खगौल, फुलवारीशरीफ तथा दानापुर क्षेत्रों में सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों पर सख्त एक्शन होगा।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। अतिक्रमणकारियों की पहचान कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, और दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ अनिवार्य FIR दर्ज होगी।अस्थायी अतिक्रमण पर 5 हजार रुपये तक और स्थायी अतिक्रमण पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस वाहन चेकिंग भी करेगी, जबकि ADM स्तर के अधिकारी पूरी निगरानी रखेंगे।
बिहार के अन्य जिलों में भी यह अभियान जारी है। रोहतास जिले के नोखा क्षेत्र में धरमपुरा थाना के अंतर्गत धरमपुरा, हथिनी और सिसरीत गांवों में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे हटाए गए। सीओ की अगुवाई में टीम ने जेसीबी की मदद से शेड और बाउंड्री वॉल जैसी संरचनाएं ढहाईं। शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें मुख्यमंत्री जनता दरबार में दर्ज मामलों को भी प्राथमिकता दी गई।समस्तीपुर के शाहपुर पटोरी में नगर परिषद ने प्रचार के बाद बाजार की मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। अनुमंडल कार्यालय से चंदन चौक तक दोनों तरफ की जमीन को मुक्त कराया गया। शुरुआत में विरोध हुआ, लेकिन प्रशासन की सख्ती देख लोग खुद ही अपने सामान हटाने में जुट गए। ईओ, सीओ और बीडीओ जैसी टीम मौके पर मौजूद रही।
यह अभियान पूरे राज्य में सार्वजनिक स्थलों को मुक्त कराने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने का हिस्सा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएं, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। आने वाले दिनों में अभियान और तेज होने की संभावना है, ताकि सरकारी जमीन और सड़कें आम जनता के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहें।